कड़ी सुरक्षा के बीच असिस्टेंट प्रोफेसर की पुनर्परीक्षा आज से:वाराणसी समेत UP के 6 शहरों में सेंटर, नकल करने व कराने वालों को होगी आजीवन कारावास


उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग असिस्टेंट प्रोफेसर-51 के लिए आज 18 अप्रैल से पुनर्परीक्षा करा रहा है। कड़ी निगरानी के बीच यह आयोजित कराई जा रही है। 2 दिनों तक होने वाली इस परीक्षा के लिए वाराणसी समेत 6 शहरों में कुल 53 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें वाराणसी, प्रयागराज, आगरा, मेरठ, लखनऊ व गोरखपुर में परीक्षा हो रही है। वाराणसी में इसके लिए 8 परीक्षा केंद्र बने हैं। आयोग के अध्यक्ष व पूर्व DGP डा. प्रशांत कुमार ने इस परीक्षा को लेकर विशेष सख्ती की है। उन्होंने कहा है कि यदि कोई परीक्षा में नकल करते या कराते हुए तथा किसी भी तरह की सेंधमारी करने का प्रयास करता है तो उसे सीधे आजीवन कारावास की सजा होगी। आयोग में बने कंट्रोल रूम से हो रही निगरानी सभी परीक्षा केंद्रों के सभी कक्षों को एवं सभी महत्वपूर्ण हिस्सों को CCTV से लैस किया गया है। इसकी निगरानी जनपद के कंट्रोल रूम तथा आयोग के कमांड एंड कंट्रोल रूम से जोड़ा जा गया है। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने वाले परीक्षार्थियों की विधिवत तलाशी के बाद ही उन्हें एंट्री मिलेगी। सभी परीक्षा केंद्रों के आप-पास निषेधाज्ञा लागू की गई है। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा उनकी निगरानी टीमों के द्वारा परीक्षा केंद्रों पर लगातार भ्रमण करने का निर्देश दिया गया है। जिला प्रशासन द्वारा परीक्षा केन्द्रों पर पर्याप्त फोर्स की तैनाती की गई है। संदिग्ध व असामाजिक तत्वों पर सख्ती से नजर रखने के लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सतर्क दृष्टि रखी जा रही है। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के द्वारा किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रानिक डिवाइस मोबाइल फोन आदि का प्रयोग प्रतिबंधित होगा। विमल कुमार विश्वकर्मा वाराणसी के प्रेक्षक प्रत्येक जनपद के लिये एक-एक सदस्य को प्रेक्षक नामित कर जनपदों में भेजा गया है। वाराणसी के लिए विमल कुमार विश्वकर्मा को प्रेक्षक नियुक्त किया गया है। वह जनपद में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिए। इसी तरह गोरखपुर में डा.कृष्ण चंद्र वर्मा, प्रयागराज में डा. हरेन्द्र कुमार राय, आगरा में कीर्ति गौतम, मेरठ में प्रो. राधाकृष्ण एवं लखनऊ में योगेन्द्र नाथ सिंह प्रेक्षक नामित किये गये हैं। अफवाहों पर ध्यान न दें परीक्षा : अध्यक्ष आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की गयी है कि वे समय से परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे तथा प्रवेश पत्र में लिखित निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन करें। शासन के निर्देशों के अनुरूप परीक्षा केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उनके हित में सुनिश्चित की गयी हैं। अभ्यर्थी किसी अफवाह या बहकावे में न आयें । आयोग की वेबसाइट www.upessc.up.gov.in एवं ‘X’ हैंडल @upesscprayagraj पर सूचनाओं के संबंध में पुष्टि कर लें। एक साल बाद दोबारा हो रही यही परीक्षा दरअसल, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने विज्ञापन संख्या-51 के तहत एडेड डिग्री कालेजों में 910 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के लिए 16 और 17 अप्रैल 2025 को लिखित परीक्षा आयोजित कराई थी। भर्ती के लिए करीब 82 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। लेकिन परीक्षा के तुरंत बाद से ही बड़े पैमाने पर धांधली, नकल और अवैध वसूली की शिकायतें सामने आने लगी थीं। अभ्यर्थी भी लगातार इसको लेकर धरना प्रदर्शन भी करते रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए CM के निर्देशन में STF ने गोपनीय जांच कराई। जांच में बड़ा खुलासा हुआ था। इसके बाद STF ने फर्जी प्रश्नपत्र तैयार कर अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों महबूब अली, बैजनाथ पाल और विनय पाल को गिरफ्तार कर लिया था।

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