ओवैसी का SIR पर आरोप:BJP इसे बैकडोर NRC बनाकर मतदाता सूची को नागरिकता की परीक्षा में बदलेगी


AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने SIR को “बैकडोर NRC” बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP इसे नागरिकता की परीक्षा में बदल देगी। छत्रपति संभाजीनगर में गुरुवार, 2 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओवैसी ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी शुरुआत से ही SIR का विरोध कर रही है। ओवैसी के मुताबिक, SIR से लोगों को परेशानी होगी। बाद में इसी प्रक्रिया को National Register of Citizens (NRC) का आधार बनाया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से SIR को गंभीरता से लेने की अपील की। ओवैसी ने चेतावनी दी कि लापरवाही से वोटिंग अधिकार और नागरिकता, दोनों जा सकते हैं। SIR को NRC का आधार बनाने का आरोप ओवैसी ने कहा कि AIMIM लगातार SIR को लेकर चिंता जताती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका इस्तेमाल NRC लागू करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हम शुरुआत से इसका विरोध कर रहे हैं। हमने SIR का विरोध किया है। हमने चुनाव आयुक्त के चयन का भी विरोध किया है।” ओवैसी ने कहा, “अगर देश में किसी ने ऐसा किया है, तो हमने 2002 में किया था। हमने महाराष्ट्र, तेलंगाना, उत्तराखंड और दिल्ली में ऐसा किया था। किसी और ने ऐसा नहीं किया।” उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को पहले से पता था कि SIR से समस्याएं पैदा होंगी। ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी लगातार बता रही थी कि यह केवल SIR नहीं है। ओवैसी ने कहा, “हम शुरुआत से कह रहे थे कि यह SIR नहीं, बल्कि बैकडोर NRC है। इसी के आधार पर NRC कराई जाएगी। अब RSS के अंबेकर का वह बयान देखिए। वे मतदाता सूची की बात कर रहे हैं।” नागरिकता की परीक्षा में बदलने का आरोप ओवैसी ने दोहराया कि AIMIM ने SIR का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया सिर्फ मतदाता सूची में संशोधन तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, “हमने SIR का विरोध किया। AIMIM ने कहा कि यह बैकडोर NRC है।” ओवैसी ने आगे कहा, “मैं शुरुआत से कह रहा हूं कि BJP इसका इस्तेमाल बैकडोर NRC कराने के लिए करेगी। इसे नागरिकता की परीक्षा में बदल दिया जाएगा।” रविवार को नागरिकों को चेताया था इससे पहले रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओवैसी ने देशभर के नागरिकों से SIR प्रक्रिया को हल्के में नहीं लेने की अपील की थी। उन्होंने चेतावनी दी थी कि लापरवाही से लोगों को वोटिंग अधिकार और नागरिकता से वंचित किया जा सकता है। ओवैसी ने कहा था, “यह सिर्फ वोट देने का अधिकार खोने का मामला नहीं है। आपकी नागरिकता भी छीनी जा सकती है। इसलिए इसे पूरी गंभीरता और ध्यान से लें।”

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