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गोरखपुर के जिला महिला अस्पताल में अब मरीजों को ऑनलाइन पर्चा उपलब्ध कराया जाएगा। आभा पर रजिस्ट्रेशन करने के बाद उनकी एक आईडी जनरेट की जाएगी। उसी आईडी के जरिए बीमारी के हिसाब से ऑनलाइन पर्चा बन जाएगा। इसके बाद उन्हें लाइन में लग कर पर्चा का प्रिंट लेने की जरुरत नहीं पड़ेगी। वह सीधे संबंधित डॉक्टर के कम्प्यूटर पर भेज दिया जाएगा। OPD में जाने के बाद मरीज अपना आभा नंबर डॉक्टर को बताएंगे। उसके बाद उनका पूरा डिटेल डॉक्टर के कम्प्यूटर स्क्रीन पर खुल जाएगा। इतना ही नहीं अब प्रिस्क्रिप्शन भी ऑनलाइन ही लिखा जाएगा। फार्मासिस्ट भी ऑनलाइन प्रिस्क्रिप्शन देखकर ही दवा देंगे। साथ ही अगर कोई टेस्ट लिखा गया है तो पैथोलॉजी डिपार्टमेंट में भी ऑनलाइन ही काम करेगा। मरीज के व्हाट्सएप पर भी डिजिटल पर्चा भेजा जाएगा। SIC डॉक्टर जय कुमार ने बताया कि 31 मार्च को एक ऑनलाइन पर्चा बना कर इस योजना की शुरुआत कर दी गई है। अब मरीजों का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन ही रहेगा। टोकन लेकर लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ेगा
यूपी सरकार की ओर से स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए आभा आईडी की शुरुआत की गई थी। जिससे मरीज पर्चा बनवाने के लिए लंबी लाइन में लगने से बचने के लिए पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराते थे। फिर आभा सेंटर से उन्हें एक टोकन दिया जाता था। जिसे दिखाकर तत्काल काउंटर से पर्चा निकलवा लेते थे। अब इस प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल किया जा रहा है। अस्पताल में पहुंचने वाली हर महिला रोगी को आभा आइडी बनाई जा रही है। ऑनलाइन पर्चा बनेगा
यह आईडी अस्पताल में उनके स्वास्थ्य संबंधी रिकार्ड को डिजिटल रूप में रखेंगे। जब महिला मरीज ओपीडी पर्चा बनवाने आएंगी, तो उन्हें काउंटर पर जाकर अपनी आभा आईडी और अपनी बीमारी का नाम बताना होगा। इसके बाद अस्पताल का कर्मचारी पर्चा तैयार कर देगा और उसे आनलाइन माध्यम संबंधित डाक्टर के पास भेज देगा। अब मरीज को पर्चा प्रिंट करके नहीं दिया जाएगा, बल्कि वह उनके मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। इससे एक और फायदा यह होगा कि मरीज के पास हमेशा उसका रिकार्ड सुरक्षित रहेगा। OPD में कम्प्यूटर पर देखेंगे मरीज का रिकॉर्ड
जब मरीज डाक्टर के पास इलाज के लिए जाएंगी, तो डाक्टर कंप्यूटर पर ओपीडी पर्चा देख सकेंगे। इससे डाक्टर को मरीज के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का तत्काल रिकार्ड मिलेगा और वह जांच और दवाएं उसी पर्चे पर लिख सकेंगे। यह पर्चा आनलाइन फार्मेसी काउंटर और पैथोलाजी विभाग तक पहुंच जाएगा। फार्मासिस्ट कंप्यूटर पर मरीज के पर्चे को देखकर दवाएं उपलब्ध कराएंगे और पैथोलाजी विभाग में मरीज के आवश्यक टेस्ट के लिए नमूने ले लिए जाएंगे, उसे कहीं भी पर्चा नहीं देना होगा। स्वास्थ्य कर्मियों को दी जाएगी ट्रेनिंग
SIC डॉ. जय कुमार ने बताया कि इस योजना कि शुरुआत 31 मार्च को कर दिया गया था। इसके लिए लखनऊ में ट्रेनिंग भी दी जाएगी। जिससे हर विभाग के लोगों को काम समझ आ जाए और बेहतर ढ़ंग से इसका उपयोग किया जा सके। उन्होंने बताया कि इस योजन योजना काम में तेजी आएगी। जिससे हॉस्पिटल में भीड़ कम लगेगी। साथ ही मरीजों के सभी हमेशा के लिए रिकॉर्ड ऑनलाइन हो जाएगा। जिससे समय की बचत होगी।
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ऑनलाइन प्रिस्क्रिप्शन लिखेंगे डॉक्टर:मरीजों को व्हाट्सएप पर मिलेगा पर्चा, गोरखपुर जिला महिला अस्पताल में शुरू हुई नई योजना