एनकाउंटर में गोली लगने पर भी डटे रहे इंस्पेक्टर गीतेश:सीएम योगी ने लखनऊ में राष्ट्रपति वीरता पदक पहनाकर सम्मानित किया, 2019 में बदमाशों को घेरा था


राजधानी लखनऊ में आयोजित अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी पुलिस के जांबाज अधिकारियों और जवानों को वीरता पदकों से सम्मानित किया। इस दौरान वर्तमान में शाहजहांपुर में तैनात और बरेली में लंबे समय तक सेवा दे चुके इंस्पेक्टर गीतेश कपिल को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति वीरता पदक’ (प्रेसिडेंट मेडल फॉर गैलेंट्री) प्रदान किया गया। गीतेश कपिल को यह सर्वोच्च सम्मान बरेली के अहलादपुर में 7 जनवरी 2019 को हुई चर्चित पुलिस मुठभेड़ में अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा दिखाने के लिए दिया गया है। गणतंत्र दिवस 2025 के मौके पर केंद्र सरकार की ओर से इस पदक की घोषणा की गई थी, जिसे लखनऊ में सीएम ने पुलिसकर्मियों को प्रदान किया। 15 लाख की लूट के बाद अहलादपुर में घेरे गए थे बदमाश
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 7 जनवरी 2019 को बरेली के कोहाड़ापीर पुलिया के पास एक सराफ के कर्मचारियों से करीब 15 लाख रुपए की सनसनीखेज लूट हुई थी। वारदात के बाद सक्रिय हुई पुलिस टीम ने बदमाशों की घेराबंदी की। अहलादपुर के पास गन्ने के खेत में छिपे बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस बल पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी थी। तत्कालीन कोतवाली प्रभारी गीतेश कपिल ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से हुई भीषण गोलीबारी में संभल निवासी दो बदमाश कपिल चौधरी और अशोक सिंह ढेर हो गए थे। गोली लगने के बाद भी गीतेश कपिल ने नहीं छोड़ा था मोर्चा
गन्ने के खेत में हुई इस सीधी मुठभेड़ के दौरान तत्कालीन कोतवाली प्रभारी गीतेश कपिल और सिपाही प्रवीण अहलावत को गोली लगी थी, जबकि तत्कालीन सीओ कुलदीप कुमार भी घायल हुए थे। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद गीतेश कपिल अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए मोर्चे पर डटे रहे और बदमाशों को भागने का मौका नहीं दिया। इसी अदम्य शौर्य और कर्तव्यपरायणता को देखते हुए शासन स्तर से उनका नाम राष्ट्रपति वीरता पदक के लिए संस्तुत किया गया था। मुठभेड़ पर परिजनों ने उठाए थे सवाल, बैठी थी मजिस्ट्रेटी जांच
अहलादपुर मुठभेड़ के बाद मारे गए बदमाशों के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए थे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। शासन के निर्देश पर इस पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच भी कराई गई थी। जांच के दौरान तत्कालीन कोतवाली प्रभारी गीतेश कपिल समेत एनकाउंटर में शामिल पूरी टीम के अधिकारियों व जवानों के बयान दर्ज किए गए थे। बरेली के कई प्रमुख थानों के प्रभारी रह चुके हैं गीतेश कपिल
इंस्पेक्टर गीतेश कपिल का बरेली से लंबा और मजबूत नाता रहा है। वह जिले के कोतवाली, बारादरी और बहेड़ी जैसे प्रमुख और संवेदनशील थानों के प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वह एडीजी जोन कार्यालय में तैनात है। लखनऊ में मुख्यमंत्री के हाथों राष्ट्रपति वीरता पदक मिलने पर पुलिस महकमे के अधिकारियों व साथी पुलिसकर्मियों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *