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भाजपा नेता रवि सतीजा को पॉक्सो एक्ट में फंसाकर 50 लाख की रंगदारी मांगने के मामले एडीजे–01 सपना त्रिपाठी की कोर्ट में मंगलवार को भी आरोप तय नहीं हो सके। मुकदमे के आरोपी आयुष मिश्रा उर्फ लवी की ओर से बीमारी का हवाला दिया गया था, जिसके बाद कोर्ट ने 24 जुलाई की तारीख तय की है। सुनवाई के दौरान अखिलेश को भारी सुरक्षा के बीच जेल से कोर्ट लाया गया था। अगस्त 2025 में दर्ज कराई थी FIR भाजपा नेता रवि सतीजा ने अगस्त 2025 में बर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि अधिवक्ता अखिलेश दुबे ने अपने साथी लवी मिश्रा व उस्मानपुर निवासी शैलेंद्र यादव उर्फ टोनू के जरिए नाबालिग से फर्जी पॉक्सो एक्ट में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद मुकदमा खत्म कराने के बदले 50 लाख रंगदारी मांगी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मामले में शैलेंद्र यादव व लवी मिश्रा को जमानत मिल चुकी है, जबकि अखिलेश दुबे जेल में है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। एडीजीसी प्रदीप साहू ने बताया कि आरोपियों की ओर से कोर्ट में आरोप मुक्ति प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। 3 महीनों से उर्सला अस्पताल में भर्ती था साथ ही 3 महीनों से बीमारी के नाम पर उर्सला अस्पताल में भर्ती अखिलेश दुबे के संबंध में सीएमओ से रिपोर्ट भी मांगी थी। इसके बाद अखिलेश को वापस जेल भेज दिया गया था। मंगलवार को आरोप के लिए तीनों को कोर्ट में हाजिर होना था। एडीजीसी ने बताया कि आयुष उर्फ लवी मिश्रा की ओर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर लवी के बीमार होने की बात कही गई। साथ ही एक अन्य आरोपी अभिषेक बाजपेई की ओर से आरोप मुक्ति प्रार्थना पत्र देने के लिए समय की मांग की। इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने 24 जुलाई की तारीख तय कर दी है।
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एडवोकेट अखिलेश दुबे पर तय नही हो सके आरोप:आरोपी आयुष मिश्रा ने दिया बीमारी का हवाला, भाजपा नेता से 50 लाख रंगदारी का मामला