एकलव्य स्टेडियम के कोच बोले-मुझ पर आतंकवादी तक का आरोप:शिकायतकर्ता एक भी आरोप सिद्ध नहीं कर सका,खिलाड़ी बोले- गंदी वीडियो दिखाता था,लड़का ही ठीक नहीं था


मैं आतंकवादी हूं, अराजकता फैनाने और धर्म परिवर्तन कराने के लिए विदेश से फंडिंग आती हैं। हिंदू-मुस्लिम का कंटेंट बना कर दंगों के लिए लोगों को उकसाता हूं। ये सभी आरोप पहले भी लग चुके हैं, लेकिन जांच में सभी आरोप झूठे सावित हुए हैं। यौन शोषण का आरोप मुझे यहां से हटाने के लिए लगाए जा रहे हैं। ये कहना है एकलव्य स्टेडियम के जिमनास्टिक कोच जावेद का। स्टेडियम के खिलाड़ियों से बात की, तो उन्होंने बताया- जिसने आरोप लगाए है वो खुद एक गंदा लड़का हैं। लड़कियो को गंदे हिसारो के साथ गंदे कमेंट करता था। गंदी गाली देता था, लड़कियो को गंदी निगहा से देखता हैं। लेकिन हमे नहीं पता था कि वो कोच पर इतने गंभीर आरोप लगाने के लिए इतना गिर जाएगा। अगर वो सहीं है, तो स्टेडियम क्यों नहीं आ रहा। जो भी आरोप लगाए है, वो गलत है। वे निराधार है उनका कोई आधार नहीं हैं। हम पिछले तीन साल से कोच के साथ प्रशिक्षण ले रहे है। वे ऐसा काम कभी नहीं कर सकते है। वो ये सब जो कर रहा है, सब अपने दूसरे कोच ललित के वहकावे मैं आ कर कर रहा है। इससे उसे कोई फायदा नहीं होने वाला है। इससे उसे ही नुकसान होगा। कोच जावेद ने कहां-अभी जांच चल रही है, जांच पूरी होने तक मुझे कुछ नहीं कहना हैं। मुझे ईश्वर पर पुरा भरोसा है, में चिंतित हूं। मुझे पता है मैं गलत नहीं हूं, ये यौन शोषण का बहुत छोटा आरोप लगाया है। इससे पहले आतंकवादी,दंगे फ़साद जाने क्या-क्या आरोप लगाए है। लेकिन वो अपने इरादों में कभी सफल नहीं होने वाला। कोच ललित स्टेडियम मैं कोच बनने के लिए ये अभी आरोप लगाते आया है। और लगा रहा हैं। इस बार अगर सफल नहीं हुआ तो वो फिर दूसरा प्लान तैयार करेगा। खिलाड़ी के यौन शोषण मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को पीड़ित और वादी के बयान दर्ज किए गए। अब पुलिस अन्य खिलाड़ियों से भी पूछताछ करेगी। घटना वाले दिन खिलाड़ी को किसी ने देखा था या नहीं, यह पता किया जाएगा। थाना सदर में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार जिमनास्टिक कोच जावेद ने खिलाड़ी को शौचालय में बुलाया। इसके बाद अप्राकृतिक कृत्य की कोशिश की। अन्य खिलाड़ियों के आने पर वह बच सका। मामले की एक सप्ताह बाद खिलाड़ी के चाचा ने पुलिस से शिकायत की। घटना के बाद से पीड़ित खिलाड़ी दहशत में है।
एसीपी सदर राम प्रवेश गुप्ता ने बताया कि कोच से विवाद की बात सामने आई है। जिस समय घटना हुई, उस समय कुछ खिलाड़ियों के आने की बात तहरीर में लिखकर दी गई है। इस पर अन्य खिलाड़ियों से भी पूछताछ की जाएगी। पीड़ित और वादी के बयान लिए गए हैं। ये है पूरा मामला… आगरा में एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम से लापता टेबल टेनिस खिलाड़ी का चार दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस तलाश में जुटी है। स्टेडियम के ही एक जिम्नास्टिक खिलाड़ी ने कोच पर शौचालय में ले जाकर कुकर्म की कोशिश का आरोप लगाया है। आरोप लगाने के 10 दिन बाद 2 अगस्त को थाना सदर में एफआईआर दर्ज की गई। पीड़ित 18 वर्षीय खिलाड़ी के चाचा ने बताया कि भतीजा कई दिन से गुमसुम था। वह खाना भी नहीं खा रहा था। पूछने पर उसने रोते हुए बताया कि कोच जावेद उसे लड़की और किन्नर कहकर परेशान करते हैं। आरोप है कि 22 जुलाई कोच ने उसे जल्दी बुलाकर जबरन शौचालय में ले जाकर अप्राकृतिक कृत्य का प्रयास किया। तभी अन्य खिलाड़ी आने से वह भाग निकला। 31 जुलाई को स्टेडियम जाने पर कोच ने धमकाया और कहा कि बताया तो जान से मार देगा। कोच ने चाचा को भी धमकाया। कोच की तैनाती के लिए हो रही राजनीति
एसीपी सदर राम प्रवेश गुप्ता ने बताया कि स्टेडियम में जिमनास्टिक कोच की तैनाती संविदा पर हुई है। तीन साल से एक अन्य कोच तैनाती करवाने के प्रयास में हैं। वह शिकायतकर्ता के संपर्क में है। स्टेडियम के अन्य कोच से पूछताछ की गई है। उनसे बात करने पर सामने आया है कि शिकायतकर्ता का परिचय कोच के रूप में नियुक्त होना चाहता हैं। आरोपी कोच के बारे में अन्य खिलाड़यों से भी इसी तरह की शिकायत कराई जा रही है। आरएसओ संजय शर्मा ने कहा-खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया बोर्ड के माध्यम से होती है। इसमें कोच की कोई भूमिका नहीं होती है। जिस खिलाड़ी ने आरोप लगाए हैं, उसके मामले में पुलिस को जानकारी दी जाएगी। मामले से संबंधित साक्ष्य संकलित किए जाएंगे। जिमनास्टिक कोच जावेद ने बताया-मेरे ऊपर लगे सभी आरोप निराधार हैं। जिले में दो ही डिप्लोमाधारी हैं। दूसरे का चयन स्टेडियम में नहीं हो सका है। इस वजह से उसने पद से हटाने के लिए साजिश की है। पुलिस को सभी साक्ष्य दिए जाएंगे। पूर्व में भी कई शिकायत की गई थीं, मगर सब गलत निकला। कोच बोले- पहले भी आरोप लगे, सब गलत साबित हुए कोच जावेद ने बताया कि मैं आगरा के नेन्ना ब्राह्मण में रहता हूं। शिकायतकर्ता किसी खिलाड़ी का कोई रिश्तेदार ही नहीं है। ललित पहले माउंटआबू में प्राइवेट स्कूल में कोच था। फिर इटावा सरकारी स्टेडियम में कोच बना, लेकिन इन्हीं हरकतों की वजह से 3 महीने में वहां से निकाल दिया गया। मैं भी इटावा में संविदा कोच था। मेरी कार्य क्षमता देखकर 2021 में मेरा ट्रांसफर आगरा एकलव्य स्टेडियम में हुआ। इटावा से निकाले जाने के बाद से ये स्टेडियम में कोच बनने के लिए मुझ पर गलत आरोप लगा रहा है। NS और NI हम दो ही कोच हैं, ये मुझे हटाकर खुद आना चाहता है। पहले भी अज्ञात में शिकायत कर चुका है। कई बार CDO ऑफिस से जांच आई। हर बार जांच हुई और हर बार मैं निर्दोष पाया गया। जांच में खंडन हो चुका है। अभी ये आगरा में कहीं कोचिंग चला रहा है। पहले भी धमकी दे चुका है। इस बार हद पार कर दी। उस लड़के से आरोप लगवाए और खुद को चाचा-जोशी बताकर फंस गया। कोच जावेद ने कहा कि हर जांच में वह निर्दोष साबित हुए हैं। 2 जुलाई को FIR हुई हैं, लेकिन शिकायतकर्ता को तीन बार कॉल लगा लिया लेकिन वह हर बार बुखार तबीयत खराब होने का बहाना लगा रहा है। कभी अपनी तबीयत खराब बता रहा है कभी किसी परिवार में किसी की तबीयत खराब बता रहा है, लेकिन बात नहीं कर रहा है। वह हर बार फोन काट देता है। पीड़ित के चाचा की शिकायत पर कोच जावेद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मेडिकल में अप्राकृतिक कृत्य की कोशिश की पुष्टि नहीं हुई है। जिस जगह पर घटना बताई गई, वहां पर कैमरे भी नहीं लगे हैं। मामला स्टेडियम में अंदरूनी विवाद का प्रतीत हो रहा है। जांच और साक्ष्य के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी। -एसीपी सदर, राम प्रवेश गुप्ता

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