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उन्नाव में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, जहां तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इसके चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। तेज धूप और लू के कारण लोग दिन के समय घरों से निकलने से बच रहे हैं, जबकि मजबूरी में बाहर निकलने वाले लोग गर्मी की मार झेल रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी गंभीर है। यहां लंबे समय तक बिजली कटौती से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पंखे और कूलर बंद होने से उमस और गर्मी से लोग बेहाल हैं, जिससे उन्हें रात में भी राहत नहीं मिल पा रही है। गर्मी का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिख रहा है। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। हालत यह है कि एक-एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है और इमरजेंसी वार्ड भी पूरी तरह भरा हुआ है। दूषित पानी के सेवन से लोग बीमार अस्पताल में बुखार, उल्टी और दस्त के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। डॉक्टरों के अनुसार, लू और दूषित पानी के सेवन से लोग बीमार पड़ रहे हैं। सीमित संसाधनों के कारण अस्पताल प्रशासन और स्टाफ पर मरीजों के इलाज का दबाव बढ़ गया है। अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार गोंड ने जनपद वासियों से अपील की है कि वे बहुत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। उन्होंने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, हल्का भोजन करने और धूप से बचाव के सभी उपाय अपनाने की सलाह दी है। गर्मी के बढ़ते प्रकोप प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रखा है। अस्पतालों में आवश्यक दवाओं और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए आने वाले दिनों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
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उन्नाव में भीषण गर्मी, 43 डिग्री तापमान:अस्पताल में बढ़े मरीज, एक बेड पर दो भर्ती, बिजली संकट