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उन्नाव में मोहर्रम की नौवीं रात उन्नाव शहर के चौधराना क्षेत्र में शिया समुदाय द्वारा एक विशेष मातमी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अज़ादारों ने हज़रत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में आग के दहकते अंगारों पर चलकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। यह कार्यक्रम देर रात तक चला, जिसमें अज़ादारों की भीड़ जुटी रही। धार्मिक रस्मों के तहत, लोगों ने “या हुसैन” की सदाओं के बीच मातम किया। कई अज़ादार नंगे पांव जलते हुए अंगारों से होकर गुजरे, कर्बला के मैदान में हज़रत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत को याद किया गया।
मान्यता है कि लगभग 1400 साल पहले कर्बला की जंग में हज़रत इमाम हुसैन ने इंसानियत, सच्चाई और न्याय के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उनकी शहादत की याद में शिया समुदाय हर साल मोहर्रम के दिनों में ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करता है।
कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से इस धार्मिक आयोजन में भाग लिया। बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक सभी ने मातम में शामिल होकर इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद किया।
अज़ादारों ने बताया कि यह आयोजन कर्बला की शहादत और उसके संदेश को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का एक माध्यम है। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन ने अत्याचार के खिलाफ आवाज़ उठाकर इंसानियत और सच्चाई का मार्ग दिखाया था। देर रात तक चले इस मातमी कार्यक्रम के समापन पर लोगों ने दुआ और फातिहा पढ़कर कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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उन्नाव में नौवें मोहर्रम पर अंगारों पर चलकर मातम:अजादारों ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को किया याद