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इटावा में इलाज न मिलने से युवक की मौत हो गई। कोतवाली थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल सुनवर्षा का इलाज चल रहा था। परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। धर्मेंद्र पुत्र होरी लाल गुरुग्राम में वेल्डिंग का काम करता था और बीती रात में ही बस से अपने घर लौटा था। बुधवार सुबह अचानक उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। हालत बिगड़ने पर परिजन सुबह करीब 8 बजे उसे शहर के बंसल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से इलाज न मिलने के आरोप सामने आए। डॉक्टर ने देखने से किया इनकार मृतक के साले रोहित निवासी सराय चोरी ने बताया कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने मरीज को देखा तक नहीं और 11 बजे आने की बात कहकर परिजनों को टाल दिया। इस दौरान धर्मेंद्र की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन कोई उपचार शुरू नहीं किया गया, जिससे परिजन परेशान होते रहे। जिला अस्पताल से सैफई रेफर हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन धर्मेंद्र को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे सैफई रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर सैफई जाने के बजाय दोबारा उसी निजी अस्पताल पहुंचे, लेकिन आरोप है कि इस बार भी डॉक्टरों ने मरीज को गंभीरता से नहीं देखा और कोई ठोस इलाज नहीं दिया। युवक की मौत पर परिजनों में आक्रोश परिजनों का आरोप है कि लगातार लापरवाही और समय पर इलाज न मिलने के कारण धर्मेंद्र ने दम तोड़ दिया। मामिया ससुर ने बताया कि शुरुआत में केवल सांस लेने में परेशानी थी, लेकिन डॉक्टर द्वारा समय पर न देखने और इलाज न करने से उसकी जान चली गई। उनका कहना है कि अगर समय रहते उपचार मिल जाता तो मौत टाली जा सकती थी।
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इटावा में समय पर युवक को नहीं मिला इलाज, मौत:परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप, अस्पताल में किया हंगामा