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इटावा में दुग्ध प्रौद्योगिकी महाविद्यालय एवं मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS यूनिट 5) के विशेष शिविर का आयोजन हुआ। शिविर के चौथे दिन महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अजीत सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने किसी भी कार्य की सफलता के लिए उसे वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से करने की आवश्यकता पर जोर दिया। जिससे गुणवत्ता और सटीकता बढ़ती है। डॉ. अजीत सिंह ने छात्रों को जीवन के हर क्षेत्र में वैज्ञानिक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि कृषि, मत्स्य पालन और डेयरी जैसे क्षेत्रों में नई तकनीकों के प्रयोग से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। अधिष्ठाता ने विद्यार्थियों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र इटावा के वैज्ञानिक डॉ. बी. एस. चौहान ने भी किसानों के विकास में आधुनिक तकनीकों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उन्नत कृषि पद्धतियों और डेयरी प्रबंधन अपनाने से उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि संभव है। इस शिविर में डॉ. राजीव सिंह, डॉ. के. के. पटेल, कार्यक्रम अधिकारी ई. दिलीप कुमार वर्मा, डॉ. पवन कुमार यादव और बादल यादव सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। भूमि, श्रेया पांडेय, मानसी सचान, निधि, अखिल, अभिषेक, सिंकल, सौरभ कुमार, टिंकू कुमार और नितेश कुमार सहित कई छात्र-छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया और सभी ने समाज हित में कार्य करने का संकल्प लिया।
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इटावा में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तकनीकी उपयोग पर चर्चा:राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर में अधिष्ठाता ने छात्रों को किया संबोधित