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प्रयागराज के आर्य कन्या डिग्री कॉलेज में सोमवार को कारगिल विजय दिवस की 27 वीं वर्षगांठ मनाई गई। इस अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम की संयोजक लेफ्टिनेंट डॉ. दीपशिखा ने कैडेट्स को कारगिल युद्ध पर आधारित डॉक्यूमेंट्री दिखाई। जिसमें वीर सौनिकों की शौर्य की कहानियां प्रस्तुत की गई। कॉलेज के अध्यक्ष शासी निकाय पंकज जायसवाल ने कहा कि 26 जुलाई सिर्फ सैन्य जीत की तारीख नहीं है, बल्कि यह दिन है कि अमर बलिदान की गाथा है। जिसे याद करके आज भी हर भारतीय की आंखें नम हो जाती हैं। साल 1999 में हमारे वीर जवानों ने बर्फ से ढकी कारगिल की बर्फीली और जानलेवा चोटियों से दुश्मनों को खदेड़कर भारत की पावन धरती पर तिरंगा फहराया था। उन्होंने कहा 18,000 फीट की ऊंचाई, शून्य से कई डिग्री नीचे गिरता तापमान, हाड़ कंपा देने वाली बर्फीली हवाएं और सामने से आती दुश्मनों की अंधाधुंध गोलियां ऐसी विपरीत परिस्थिति में भी हमारे देश के बेटों के कदम पीछे नहीं हटे। उनके दिल में बस एक ही धुन सवार थी। मेरी भारत मां पर कोई आंच न आए। प्राचार्या प्रोफेसर अर्चना पाठक ने शहीदों को याद करते हुए एनसीसी कैडेट्स से कहा आज अपनी आंखों के इन दो बूंद आंसुओं को उन शहीदों के नाम करें और अपने दिल में एक दीप जलाकर यह वादा करें कि हम उनके इस बलिदान को कभी व्यर्थ नहीं जाने देंगे। इस दौरान उप प्राचार्य डा. इभा सिरोठिया, डीन डॉ. अंजू, डॉ. नीलांजना जैन और चीफ प्रॉक्टर डॉ. रंजना त्रिपाठी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
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आर्य कन्या कॉलेज में मनाया गया कारगिल विजय दिवस:डॉक्यूमेंट्री के जरिए दिखाई गई कारगिल की शौर्य गाथा,शहीदों को श्रद्धांजलि दी