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आर्म्स एक्ट के मुकदमे में MP/MLA लोअर कोर्ट ने कैबिनेट मंत्री राकेश सचान को चार साल पहले एक साल कैद की सजा सुनाई थी। जिसके खिलाफ MP/MLA सेशन कोर्ट में चल रही अपील पर गुरुवार को फैसला आ गया। विशेष न्यायाधीश विजय कुमार गुप्ता ने राकेश सचान की अपील मंजूर करते हुए उन्हें बरी कर दिया है। बता दें कि इसी मामले में सजा सुनाए जाने के बाद कैबिनेट मंत्री कोर्ट से फरार हो गए थे, उनपर कोर्ट का ऑर्डर भी ले जाने का आरोप लगा था। 13 अगस्त 1991 को नौबस्ता में दर्ज हुई थी FIR नौबस्ता में 13 अगस्त 1991 को तत्कालीन एसओ बृजमोहन उदेनिया ने लघु सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप था कि उनके पास से एक राइफल और 9 कारतूस, बरामद हुए थे, जिसका वह लाइसेंस नहीं दिखा सके थे। मामले में दिनेश चंद्र सचान और विनोद वर्मा भी आरोपी थे, लेकिन इनका फैसला हो चुका था। जबकि राकेश सचान की फाइल MP/MLA कोर्ट भेजी गई थी। इस मामले में 8 अगस्त 2022 को अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट तृतीय आलोक यादव ने राकेश सचान को एक साल कैद और 1500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के बाद कैबिनेट मंत्री राकेश कोर्ट से चले गए थे। वकीलों के हंगामे के बीच आदेश भी गयाब हो गया था। 8 अगस्त को कोर्ट में किया था सरेंडर राकेश सचान पर पर कोर्ट का आदेश ले जाने का आरोप लगा था। एफआईआर की नौबत आ गई थी तब आठ अगस्त को राकेश ने कोर्ट में सरेंडर किया था, जिसके बाद आदेश का पुर्नगठन किया गया और फिर राकेश को सजा सुनाई गई थी। अधिवक्ता गिरीश नारायण दुबे ने बताया कि इसी आदेश के खिलाफ अपील दाखिल की गई थी। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सजा को निरस्त कर राकेश को दोषमुक्त करार दे दिया।
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आर्म्स एक्ट के मामले में कैबिनेट मंत्री राकेश सचान बरी:सजा सुनाए जाने पर कोर्ट से भाग निकले थे, सरेंडर किया था