आंबेडकर पार्क की भूमि पर कब्जे के प्रयास की आशंका:वकीलों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा, सुरक्षा मांगी


पीलीभीत के पकड़िया नौगवां नगर पंचायत में स्थित आंबेडकर पार्क की भूमि पर अवैध कब्जे की आशंका को लेकर अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। मंगलवार को अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपकर पार्क की सुरक्षा की मांग की। अधिवक्ताओं ने शिकायत पत्र में बताया कि नगर पंचायत पकड़िया नौगवां में खसरा संख्या 114 ख (क्षेत्रफल 0.1500 हेक्टेयर) सरकारी अभिलेखों में आंबेडकर पार्क के नाम दर्ज है। पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्र पर जिलाधिकारी के आदेशानुसार राजस्व टीम ने 16 मार्च 2026 को मौके पर भूमि की पैमाइश की थी और स्थल को चिह्नित भी कर दिया था। वकीलों का आरोप है कि पैमाइश होने के बावजूद कुछ भू-माफिया इस बेशकीमती सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में यहां विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उन निर्देशों का भी उल्लेख किया, जिनमें आंबेडकर पार्कों के संरक्षण और निर्माण के स्पष्ट आदेश दिए गए हैं। जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने प्रमुखता से निम्नलिखित मांगें रखीं: नगर पंचायत पकड़िया नौगवां को निर्देशित किया जाए कि वह पार्क की भूमि पर तुरंत मजबूत बाउंड्रीवाल का निर्माण कराए। पार्क का सौंदर्यीकरण और विधिवत निर्माण कार्य शुरू कराया जाए ताकि अवैध कब्जे की गुंजाइश न रहे। सरकारी जमीन को खुर्द-बुर्द करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। मंगलवार को जिलाधिकारी से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से चंद्रशेखर आजाद एडवोकेट (पूर्व जिलाध्यक्ष, बहुजन समाज पार्टी), ईश्वर दयाल पासवान एडवोकेट, अशोक कुमार मित्रा एडवोकेट और जितेंद्र कुमार आजाद सहित अन्य अधिवक्ता शामिल थे। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि आंबेडकर पार्क केवल एक जमीन का टुकड़ा नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और महापुरुषों के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने इसके संरक्षण के लिए हर स्तर पर प्रयास करने की बात कही।

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