अलीगढ़ एयरपोर्ट से सभी ट्रेनिंग उड़ानों पर रोक:कासगंज में बिजली के तारों से टकराकर क्रैश होने पर लिया निर्णय, 12 साल में 7वां हादसा


​अलीगढ़ के धनीपुर एयरपोर्ट प्रबंधन ने कासगंज में सोमवार को चेतक एविएशन का एक प्रशिक्षण विमान दुर्घटनाग्रस्त होने पर सभी प्रशिक्षण उड़ानों पर रोक लगा दी है। गनीमत रही कि इस हादसे में एक बड़ी जनहानि टल गई और घायल महिला पायलट सुरक्षित है। अब नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की टीम हादसे की जांच करेगी। इसके बाद ही उड़ानों को दोबारा क्लीयरेंस मिलेगा। ​हवा में 1 घंटे तक लापता रहा था विमान, एयरपोर्ट पर मची खलबली चेतक एविएशन के इस प्रशिक्षण विमान ने सोमवार दोपहर करीब 3 बजे नियमित उड़ान के लिए अलीगढ़ एयरपोर्ट से टेकऑफ किया था। उड़ान भरने के करीब एक घंटे बाद अचानक विमान का कंट्रोल रूम से संपर्क टूट गया। ​विमान से कोई सिग्नल न मिलने पर एयरपोर्ट के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। एयर ट्रैफिक नेटवर्क और अन्य राडार माध्यमों से उसकी तलाश शुरू की गई। काफी देर बाद सूचना मिली कि विमान कासगंज इलाके में क्रैश हो गया है। ​महिला पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा ​प्राथमिक जांच में सामने आया है कि उड़ान के दौरान विमान के इंजन में अचानक तकनीकी खराबी आ गई थी। इसके बाद विमान तेजी से नीचे की तरफ आने लगा। महिला प्रशिक्षु पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए खाली मैदान देखकर इमरजेंसी लैंडिंग की कोशिश की। लैंडिंग के दौरान विमान बिजली के तारों से टकरा गया। गनीमत रही कि उस वक्त तारों में करंट नहीं दौड़ रहा था। ​हवाई सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल, 12 साल में 7वां क्रैश ​अलीगढ़ के धनीपुर एयरपोर्ट पर होने वाली ट्रेनिंग उड़ानों की सुरक्षा और विमानों के मेंटेनेंस पर अब बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले 12 वर्षों में प्रशिक्षण विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने की यह 7वीं बड़ी घटना है। ​पायलट ट्रेनिंग का हब है अलीगढ़ का धनीपुर एयरपोर्ट ​धनीपुर एयरपोर्ट पहले सिर्फ एक हवाई पट्टी थी। साल 2018 में इसे हवाई अड्डे का दर्जा मिला और 2024 में यहां से आधिकारिक संचालन शुरू हुआ। दिल्ली-एनसीआर के करीब होने के कारण यह फ्लाइंग कंपनियों की पहली पसंद है। ​वर्तमान में यहां पायनियर और चेतक एविएशन नाम के दो फ्लाइंग क्लब संचालित हैं। इनकी शुरुआत 2008 में हुई थी। कॉमर्शियल पायलट की ट्रेनिंग के लिए एक प्रशिक्षु को यहां सालाना करीब 45 लाख रुपए खर्च करने पड़ते हैं। ​यहां से हर दिन औसतन 25 से 30 ट्रेनी विमान उड़ान भरते हैं। जांच होने तक बंद रहेंगी उड़ानें धनीपुर एयरपोर्ट के प्रभारी अधिकारी सत्यव्रत सारस्वत ने बताया कि विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना तुरंत डीजीसीए को दे दी गई है। डीजीसीए की तकनीकी टीम दुर्घटना के कारणों के साथ उड़ान संचालन, सुरक्षा मानकों और तकनीकी पहलुओं की पड़ताल करेगी। जब तक जांच पूरी नहीं होती, सभी उड़ानों पर रोक रहेगी।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *