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अयोध्या में रसोई गैस की किल्लत बढ़ गई है, जिससे ग्रामीण उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुकिंग के लिए 45 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर 577.80 टन जलौनी लकड़ी का स्टॉक तैयार किया है। तहसील, ब्लॉक और नगर पंचायत क्षेत्रों से जुड़े गांवों के निवासी समय पर गैस सिलेंडर न मिलने से खासे परेशान हैं। गैस एजेंसियों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में उपभोक्ता सिलेंडर की उपलब्धता और वितरण की जानकारी लेने पहुंच रहे हैं। कई स्थानों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें भी देखी जा रही हैं, जो उनकी बढ़ती परेशानी को दर्शाती हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि बुकिंग के बाद भी उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनके घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के कारोबारी और परिवार विशेष रूप से इस समस्या से जूझ रहे हैं। जिलाधिकारी से लेकर जिला पूर्ति अधिकारी तक उपभोक्ताओं को आश्वस्त कर रहे हैं कि बुकिंग के बाद सभी को गैस उपलब्ध होगी, लेकिन लोगों में अभी भी चिंता बनी हुई है। इस बीच, प्रभागीय वनाधिकारी अयोध्या प्रखर गुप्ता ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार लकड़ी का स्टॉक भी बनाए रखा जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि यदि गैस की कमी और बढ़ती है, तो लोगों को न्यूनतम दरों पर जलौनी लकड़ी उपलब्ध कराई जा सके। डीएफओ गुप्ता ने आगे बताया कि सभी रेंज अधिकारियों को इस संबंध में निर्देशित कर दिया गया है। आरा मशीन संचालकों से भी स्टॉक में पर्याप्त लकड़ी रखने को कहा गया है। सभी रेंज अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में लकड़ी के स्टॉक को बनाए रखने में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। प्रभागीय वनाधिकारी प्रखर गुप्ता के अनुसार, वर्तमान में 577.80 टन जलौनी लकड़ी स्टॉक में उपलब्ध है। शासन से स्पष्ट निर्देश मिले हैं कि आवश्यकता पड़ने पर यह लकड़ी लोगों को न्यूनतम दरों पर उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे रसोई गैस के विकल्प के तौर पर इसका उपयोग कर सकें और अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा कर सकें।
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अयोध्या में गैस किल्लत बढ़ी, बुकिंग अवधि 45 दिन:जिला प्रशासन ने 577 टन जलौनी लकड़ी का स्टॉक किया, डीएफओ ने दी जानकारी