अयोध्या में गलत इलाज से प्रसूता की मौत:प्रसव के बाद बिगड़ी थी हालत, लखनऊ के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत; पति ने 12 लाख रुपए खर्च होने का दावा किया


अयोध्या प्रसव के बाद हालत बिगड़ने और इलाज के दौरान महिला की मौत के मामले में पति ने तारुन थाने में तहरीर देकर निजी अस्पताल पाब्लिक हॉस्पिटल के चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। पति ने चिकित्सक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई और आर्थिक क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है। वही स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को सील कर दिया है। तारुन थाना क्षेत्र के सराय सागर गांव निवासी विश्वास यादव के अनुसार, 21 सितंबर को उनकी पत्नी के पेट में दर्द होने पर उन्हें तारुन स्थित पाब्लिक हॉस्पिटल ले जाया गया। आरोप है कि चिकित्सक की सलाह पर महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगड़ने पर 23 सितंबर को उसे लखनऊ रेफर किया गया। लखनऊ के कई अस्पतालों में कराया इलाज तहरीर के मुताबिक, लखनऊ में कई अस्पतालों में महिला को दिखाने के बाद उसे चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया। पति का दावा है कि इलाज के दौरान लगातार खर्च बढ़ता गया और करीब 12 लाख रुपए खर्च हुए। इसके बावजूद महिला की हालत में सुधार नहीं हुआ। 27 सितंबर की रात करीब 11 बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पति ने आरोप लगाया है कि तारुन के निजी अस्पताल में इलाज करने वाले चिकित्सक की योग्यता और अनुभव को लेकर उसे संदेह है। उसका आरोप है कि चिकित्सकीय लापरवाही के कारण उसकी पत्नी की जान गई। जांच के बाद स्पष्ट होगी आरोपों की वास्तविकता पति ने पुलिस से मामले में रिपोर्ट दर्ज कर चिकित्सक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने और परिवार को आर्थिक क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है। तहरीर में मृतका के दो बच्चों का भी उल्लेख किया गया है। पति का कहना है कि पत्नी की मौत से परिवार के सामने आर्थिक और पारिवारिक संकट खड़ा हो गया है। मामले में पुलिस की जांच के साथ महिला के इलाज से जुड़े मेडिकल रिकॉर्ड और चिकित्सकीय अभिलेख महत्वपूर्ण होंगे। जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही डॉक्टर पर लगाए गए लापरवाही के आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी। प्रसूता की मौत के बाद पब्लिक हॉस्पिटल में लगा ताला प्रसूता अनुराधा की इलाज के दौरान मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार रात करीब 8 बजे पब्लिक हॉस्पिटल तारुन पर ताला लगा दिया। सीएमओ डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया के आदेश पर डॉ. ननकू राम ने अस्पताल पहुंचकर कार्रवाई की। गुरौली के मजरा सराय सागर निवासी अनुराधा को 21 सितंबर को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ने पर उन्हें दर्शननगर मेडिकल कॉलेज और फिर लखनऊ ले जाया गया, जहां मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद स्पष्ट होगा।

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