अम्बेडकरनगर में बस कंडक्टर की हत्या में दोषी को उम्रकैद:कोर्ट ने 6 हजार रुपए का लगाया जुर्माना, 6 साल पहले झाड़ियों में मिला था शव


अंबेडकरनगर में एकतरफा प्रेम और प्रेम विवाह की रंजिश में हुई निजी बस कंडक्टर उपेंद्र कुमार उर्फ लाला की हत्या के करीब पांच साल बाद जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी मोहम्मद असलम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन के अनुसार, मामला वर्ष 2020 का है। सम्मनपुर थाना क्षेत्र के मुस्तफाबाद गंगिला निवासी विजय कुमारी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनका 21 वर्षीय बेटा उपेंद्र निजी बस में कंडक्टर था। 22 सितंबर 2020 की रात वह लखनऊ से लौटने के बाद बस के खलासी मोहम्मद असलम के साथ तहसील तिराहे पर उतरा था। इसके बाद उसने अपनी पत्नी शाहिदा बानो को फोन कर खाना तैयार रखने के लिए कहा, लेकिन घर नहीं पहुंचा। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 25 सितंबर को उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई। इसी दौरान परिजनों ने पुलिस को बताया कि असलम गांव में यह कहता फिर रहा था कि उसने अपना “बदला” ले लिया है। जांच के दौरान 26 सितंबर को अकबरपुर क्षेत्र के जौहरडीह क्रॉसिंग के पास झाड़ियों से उपेंद्र का शव बरामद हुआ। पुलिस ने जांच में पाया कि असलम की शादी पहले शाहिदा बानो से तय होने की चर्चा थी, लेकिन शाहिदा ने उपेंद्र से प्रेम विवाह कर लिया था। इसी रंजिश में हत्या किए जाने का आरोप सामने आया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा और विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध किए। जिला एवं सत्र न्यायालय ने मोहम्मद असलम को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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