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अमेठी के जगदीशपुर स्थित शिव शक्ति अस्पताल में मंगलवार रात 8 बजे युवक की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। पुलिस के साथ-साथ आसपास के दो अन्य थानों की फोर्स भी मौके पर पहुंची। परिजनों को समझाया। युवक की पहचान हाईकोर्ट के अधिवक्ता तरुण कुमार के रूप में हुई है। वह इन्हौना थाना क्षेत्र के अंगूरी गांव के निवासी थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर की लापरवाही के कारण युवक की मौत हुई है। वे आरोपी डॉक्टर और उसके सहयोगियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। यह घटना कमरौली थाना क्षेत्र के शिव शक्ति अस्पताल की है। इन्हौना थाना क्षेत्र के अशरफपुर अंगूरी गांव निवासी 38 वर्षीय तरुण कुमार ओझा पुत्र नंद कुमार ओझा को सोमवार दोपहर प्लेटलेट्स की कमी के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, भर्ती के समय उनकी प्लेटलेट्स 37,000 थी। इलाज शुरू होने के बाद मंगलवार सुबह तरुण की प्लेटलेट्स अचानक गिरने लगी। मंगलवार शाम करीब 7:15 बजे उनकी प्लेटलेट्स घटकर मात्र 7,000 रह गई। रात 8 बजे उनकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कई बार डॉक्टर से मरीज को लखनऊ रेफर करने का आग्रह किया था, ताकि बेहतर इलाज मिल सके। हालांकि, डॉक्टर ने उन्हें रेफर नहीं किया और जबरन इलाज जारी रखा, जिसके कारण तरुण की मौत हो गई। मौके पर भाले सुल्तान और जगदीशपुर थाने की पुलिस मौजूद है, जो स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है। परिजन अस्पताल के डॉक्टर राजबहादुर यादव (पुत्र माता प्रसाद यादव) और सहयोगी शैलेंद्र मौर्य (पुत्र राजेश मौर्य) पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़े हैं। फिलहाल अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और इसे छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
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अमेठी अस्पताल में युवक की मौत, परिजनों का हंगामा:बोले- प्लेटलेट्स 7 हजार पहुंची पर रेफर नहीं किया, जबरन भर्ती रखा