वॉशिंगटन डीसी35 मिनट पहले
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को कहा कि यूक्रेन को नया राष्ट्रपति चुनना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन के साथ युद्ध खत्म करने के लिए शांति समझौता करना चाहते हैं, लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की बातचीत के मौके गंवा रहे हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब ट्रम्प ने शुक्रवार को बताया कि अमेरिका अब रूस से डीजल खरीदेगा। जेलेंस्की ने इस फैसले का विरोध किया। उन्होंने कहा था कि इससे रूस को युद्ध जारी रखने के लिए और पैसा मिलेगा।

अलास्का में यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए हुई बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में हाथ मिलाते अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति पुतिन। तस्वीर 15 अगस्त 2025 की है।
रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमलों से ट्रम्प नाराज
ट्रम्प ने यूक्रेन की ओर से रूस की तेल रिफाइनरियों पर किए जा रहे हमलों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इन हमलों से दुनिया में ईंधन की समस्या बढ़ सकती है।
यूक्रेन रूस की तेल से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बना रहा है। इससे रूस की तेल से होने वाली कमाई और उसकी सेना तक ईंधन पहुंचाने की व्यवस्था को नुकसान पहुंचा है।
रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू किया था। तब से दोनों देशों के बीच युद्ध जारी है।

रूसी अधिकारियों के मुताबिक, 20 सितंबर 2026 को यूक्रेन के बड़े ड्रोन हमले में तेल रिफाइनरी को नुकसान पहुंचा था।
अमेरिका ने रूस से डीजल खरीदने पर पाबंदी हटाई
ईरान-अमेरिका और इजराइल के युद्ध के कारण इस साल ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इसी बीच अमेरिका ने रूसी डीजल के निर्यात पर लगी पाबंदियां अगले साल अप्रैल तक हटा दीं है। इस फैसले से रूस के लिए अमेरिका और दूसरे देशों को डीजल बेचने का रास्ता खुल गया है।
जेलेंस्की ने इस फैसले को कमजोर कदम बताया। उनका कहना है कि रूस को तेल और डीजल बेचने की छूट मिलने से उसकी कमाई बढ़ेगी और वह इस पैसे का इस्तेमाल युद्ध जारी रखने में कर सकेगा।
मियामी में युद्ध रोकने की बातचीत बेनतीजा रही
अमेरिका और यूक्रेन के अधिकारियों के बीच 9 अक्टूबर को मियामी में युद्ध रोकने को लेकर करीब 6 घंटे बातचीत हुई थी। लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। बैठक में ट्रम्प के दूत जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ भी शामिल थे।
जेलेंस्की ने कहा था कि यूक्रेन की टीम बातचीत के लिए गई थी, लेकिन इसके बाद रूस को राहत देने वाला फैसला कर लिया गया। यूक्रेन का मानना है कि रूस पर दबाव बनाए बिना युद्ध खत्म करना मुश्किल है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान न्यूयॉर्क स्थित UN मुख्यालय में हाथ मिलाते हुए ट्रम्प और जेलेंस्की।
रूस को मनाने के लिए अमेरिका ने आर्थिक प्रस्ताव रखे थे
सितंबर के आखिर में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान अमेरिका ने रूस से युद्ध रोकने का समझौता कराने के लिए कुछ प्रस्तावों पर चर्चा की थी। इसके बदले रूस को आर्थिक राहत देने के विकल्प रखे गए थे। इनका मकसद ऊर्जा से जुड़ी जगहों और समुद्र में हमले रुकवाना था।
प्रस्तावों में पश्चिमी देशों में जब्त रूस की सरकारी संपत्ति का कुछ हिस्सा लौटाना, रूसी कंपनी लुकोइल की कुछ संपत्तियां मध्य-पूर्व के निवेशकों को बेचने की इजाजत देना और बेलारूस को पोटाश (खाद बनाने में इस्तेमाल होता है) बेचने की छूट देना शामिल था।
यूक्रेन इन प्रस्तावों के पूरी तरह खिलाफ नहीं था। लेकिन उसने कहा कि अगर रूस युद्ध रोकने का समझौता तोड़ता है, तो उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। यूक्रेन ने यह सुझाव भी दिया कि रूस की जब्त संपत्ति से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल यूक्रेन की मदद के लिए किया जाए।
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