दूसरी शादी, रिलेशनशिप के सबूत नहीं तो भरण पोषण नहीं:कोर्ट ने कहा कानूनी रूप से विवाहित होना साबित नहीं होता

एक आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि पति की पहली शादी पहले से अस्तित्व में है और दूसरी शादी या लिव-इन रिलेशनशिप के पर्याप्त सबूत नहीं हैं तो महिला भरण-पोषण की हकदार नहीं होगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के तहत दायर याचिका…

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शिक्षित पत्नी भरण-पोषण की हकदार- हाईकोर्ट:कोर्ट ने कहा – पर्याप्त आय, माता-पिता की संपत्ति या पेंशन को इसमें शामिल नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक निर्णय में कहा कि केवल इस तथ्य से कि पत्नी शिक्षित है, उसे धारा 125 सीआरपीसी के तहत भरण-पोषण का दावा करने से वंचित नहीं किया जा सकता है, जब इस बात का कोई सबूत नहीं है कि वह वास्तव में पर्याप्त आय अर्जित कर रही है। न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद…

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