इमाम हुसैन के तीजे पर निकले अलम और अखाड़े:वाराणसी की फिजा में गूंजी सदा ए या हुसैन, करबला को किया याद

इमाम हुसैन और उनके साथियों को करबला के मैदान में उस वक्त के आतंकवादी यजीद की सेना ने तीन दिन का भूखा प्यासा शहीद किया था। 1400 साल पहले यह वाक्य इस्लामिक कैलेंडर के मोहर्रम माह की 10 तारीख को हुआ था। तब से आज तक इमाम हुसैन की शहादत याद की जाती है। इसी…

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