Yuva Dharm Sansad Ujjain | Mohan Bhagwat Manoj Muntashir Visit
उज्जैन8 मिनट पहले कॉपी लिंक तीन दिवसीय युवा धर्म संसद के दूसरे दिन शुक्रवार को संघ प्रमुख ने संबोधित किया। धर्म रिलिजन नहीं है, जीवन का अनुशासन है। किसी इच्छा की पूर्ति, भय, लोभ या प्राण बचाने के लिए भी धर्म का त्याग नहीं करना चाहिए। सुख-दुख आते-जाते रहते हैं, लेकिन धर्म नित्य रहता है।…