जैविक पिता अपने नाजायज़ बेटे को गोद ले सकता है:हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण अधिनियम' के तहत हाईकोर्ट का फैसला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि ‘हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण अधिनियम, 1956’ के तहत किसी हिंदू पुरुष को अपने ही नाजायज़ बेटे को गोद लेने से इसलिए नहीं रोका जा सकता, क्योंकि वह बच्चे का जैविक पिता है। जस्टिस अरुण कुमार की बेंच ने 1970 में कथित तौर पर किए गए एक दत्तक ग्रहण (गोद…

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