पीलीभीत4 मिनट पहले
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पीलीभीत जनपद में उत्तराखंड से आने वाले रेता और बजरी से भरे ओवरलोड ट्रकों का संचालन लगातार जारी है। इन वाहनों के कारण सड़कें खराब हो रही हैं और हादसों का खतरा भी बना हुआ है। मंगलवार देर रात शहर के असम चौराहे पर दर्जनों ओवरलोड ट्रक सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े पाए गए, जिससे यातायात बाधित हुआ।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उत्तराखंड सीमा से पीलीभीत में प्रवेश करने वाले इन ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। उनका कहना है कि परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस की कथित सुस्ती के कारण खनन माफिया और ट्रक चालक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है।

इस संबंध में नवागंतुक एआरटीओ (प्रवर्तन) सुशील कुमार मिश्रा ने अपनी चुनौतियां बताईं। उन्होंने कहा कि पदभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने चार ओवरलोड ट्रकों को सीज किया है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि ‘लोकेशन ट्रेसर’ सड़क पर बहुत सक्रिय हैं।
एआरटीओ मिश्रा के अनुसार, ये ‘लोकेशन ट्रेसर’ अधिकारियों के आवागमन पर लगातार नजर रखते हैं और चालकों को पहले ही सतर्क कर देते हैं। इस वजह से कई बार ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने में बाधा आती है।

एआरटीओ सुशील कुमार मिश्रा ने स्पष्ट किया कि विभाग अब ओवरलोडिंग और अवैध पार्किंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही सीओ ट्रैफिक के साथ मिलकर एक बड़ा संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
