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नई दिल्ली2 मिनट पहले
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जंतर-मंतर पर चल रहे पेपर लीक मामले पर प्रदर्शन के बीच पीएम मोदी ने गुरुवार को X पर पोस्ट कर लिखा कि पेपर लीक के दोषियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स बनाए जाएंगे। देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
इसपर राहुल गांधी ने X पर पोस्ट कर कहा कि आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। आपने एजुकेशन सिस्टम बर्बाद होने दिया और इसके जिम्मेदार व्यक्तियों को संरक्षण दिया।
वहीं, CJP ने भी पीएम के पोस्ट के कुछ देर बाद X पर प्रधानमंत्री की फोटो पोस्ट कर लिखा- प्रधानमंत्री जी इस्तीफा दो।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जून से कॉकरोच जनता पार्टी NEET पेपर लीक के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। 21 जुलाई को नेता विपक्ष राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेता दिल्ली में पीएम आवास के बाहर धरने पर बैठ गए थे।
पेपर लीक की सुनवाई के लिए पहली बार बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट
देश में अब तक पेपर लीक मामलों के लिए अलग फास्ट ट्रैक कोर्ट नहीं थे। ऐसे मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती थी, इसलिए फैसला आने में अक्सर कई साल लग जाते थे। अब प्रधानमंत्री ने पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है, ताकि इनकी सुनवाई और फैसला तेजी से हो सके।
फास्ट ट्रैक कोर्ट का रिकॉर्ड भी बेहतर रहा है। केंद्र सरकार के अनुसार, रेप और POCSO मामलों के लिए बनी फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 2019 से 2025 तक 3.06 लाख से ज्यादा मामलों का निपटारा किया है।
इन अदालतों का डिस्पोजल रेट 96.28% है, यानी जितने नए मामले आए, लगभग उतने ही मामलों का निपटारा भी हुआ। हालांकि, नए मामले लगातार दर्ज होने के कारण 2025 के अंत तक 2.45 लाख से ज्यादा मामले लंबित थे, जबकि 2024 के अंत में यह संख्या 2.04 लाख थी।

राहुल की 3 डिमांड, पीएम मोदी छात्रों से माफी मांगे

राहुल गांधी ने बुधवार को दिल्ली के इंदिरा भवन में छात्रों के खिलाफ लाठीचार्ज पर करीब 40 मिनट प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने सबसे पहले अपने प्रेजेंटेशन में 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के संसद चलो मार्च में शामिल छात्रों के वीडियो चलाए।
राहुल कहा कि सुरक्षाबलों ने छात्रों को बुरी तरह पीटा। ऐसा क्यों किया गया। नीट पेपर लीक से देश के 7.5 करोड़ स्टूडेंट्स और उनके परिवार इस घटना से प्रभावित हुए हैं। नीट मामले में किसी भी को सजा नहीं हुई।
राहुल ने प्रेजेंटेशन के दौरान स्लाइड दिखाई। जिसमें उन्होंने तीन डिमांड रखीं। पहली- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। दूसरी- छात्रों को पीटने वालों पर कार्रवाई हो। तीसरा- पीएम मोदी छात्रों से माफी मांगें।
नड्डा बोले- राहुल बताएं कांग्रेस सरकारों में पेपर लीक क्यों

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राहुल के आरोपों का जवाब दिया। नड्डा ने कहा- राहुल बताएं जब कांग्रेस सरकारों में पेपर लीक होते हैं तब वे सवाल क्यों नहीं उठाते।
राहुल इन मामले में सिर्फ भाजपा शासित सरकारों को क्यों टारगेट करते हैं। वह इतने सिलेक्टिव क्यों हैं।
इससे पहले राहुल गांधी ने दिल्ली के इंदिरा भवन में छात्रों के खिलाफ लाठीचार्ज पर करीब 40 मिनट प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने सबसे पहले अपने प्रेजेंटेशन में 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के संसद चलो मार्च में शामिल छात्रों के वीडियो चलाए।
राहुल कहा कि सुरक्षाबलों ने छात्रों को बुरी तरह पीटा। ऐसा क्यों किया गया। नीट पेपर लीक से देश के 7.5 करोड़ स्टूडेंट्स और उनके परिवार इस घटना से प्रभावित हुए हैं। नीट मामले में किसी भी को सजा नहीं हुई।
राहुल को धरने से पुलिस उठाकर ले गई थी

कांग्रेस ने मंगलवार को दोपहर 3:30 बजे पीएम मोदी के आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के पास धरना दिया। इसमें राहुल, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव समेत कई नेता शामिल हुए।
राहुल ने नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की। इस दौरान पीएम मोदी इस्तीफा दो के नारे लगे।
ऐसा पहली बार हुआ कि पीएम आवास के पास किसी नेता प्रतिपक्ष ने धरना दिया हो। कांग्रेस ने प्लान बेहद सीक्रेट बनाया। खड़गे के बर्थडे के बहाने सांसदों और नेताओं को बुलाया था।
राहुल की पावर पॉइंट वाली पांचवीं प्रेस कॉन्फ्रेंस
राहुल पिछले दो सालों से पांच से ज्यादा बार प्रेजेंटेशन के जरिए प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। वह ऐसा करने वाले पहले नेता है।
जून 2024, शेयर बाजार मामला: लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी ने चार्ट, ग्राफ और आंकड़ों के साथ प्रेजेंटेशन देकर आरोप लगाया कि चुनाव से पहले शेयर बाजार पर दिए गए बयानों से निवेशकों को नुकसान हुआ।
सितंबर, अगस्त,2025: वोट चोरी पर: राहुल ने चुनावी अनियमितताओं और मतदाता सूची से जुड़े अपने आरोपों के समर्थन में दस्तावेज और स्लाइड्स दिखाते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।
जुलाई 2026, NEET विवाद: NEET परीक्षा विवाद, कथित पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर स्लाइड्स के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसके बाद बुधवार को उन्होंने फिर प्रेजेंटेशन दिखाते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की और सरकार पर निशाना साधा।
