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बुलंदशहर में एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष बसंत पंडित ने पुलिस प्रशासन पर उन्हें घर में नजरबंद करने का आरोप लगाया है। पंडित लखनऊ में नीट परीक्षा से जुड़े छात्रों के मुद्दों पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया और शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग दोहराई। बसंत पंडित के अनुसार, वे नीट परीक्षा और अन्य छात्र-संबंधित मुद्दों पर लखनऊ में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे थे। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने उन्हें उनके आवास पर ही रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों और युवाओं की आवाज उठाने वालों पर दबाव बनाया जा रहा है। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में जनता और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों को उठाना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। उन्होंने सवाल किया कि क्या छात्रों की आवाज उठाना अब अपराध बन गया है। पंडित ने यह भी कहा कि नजरबंदी और प्रशासनिक दबाव से छात्र हितों की लड़ाई को रोका नहीं जा सकता। बसंत पंडित ने नीट परीक्षा से जुड़े विवादों पर जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से संबंधित मामलों में पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान करने का आग्रह किया। इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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NSUI जिलाध्यक्ष बसंत पंडित घर में नजरबंद:लखनऊ में छात्र हितों के प्रदर्शन में शामिल होने से रोका