बाली उतारने, रक्षा सूत्र काटने के बाद ही छात्रों को परीक्षा केंद्र के अंदर जाने दिया गया।
मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए देश की सबसे बड़ी परीक्षा NEET-UG री-एग्जाम 2026 को लेकर मध्यप्रदेश में सुरक्षा और व्यवस्थाओं के कड़े इंतजाम किए गए। भोपाल के 32 केंद्रों सहित प्रदेशभर में परीक्षा की जा रही है। जहां एक तरफ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशा
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वहीं, दूसरी तरफ कड़े नियमों और समय की पाबंदी के कारण कई केंद्रों पर भारी अफरा-तफरी और भावुक कर देने वाले नजारे देखने को मिले। एनटीए की गाइड लाइन के अनुसार, दोपहर 01:30 बजे परीक्षा केंद्रों के गेट पूरी तरह बंद कर दिए गए।
गिड़गिड़ाते रहे परिजन
भोपाल के सरोजिनी सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय और पीएमश्री सेंट्रल स्कूल समेत कई केंद्रों पर कुछ छात्र महज 30 से 40 सेकंड की देरी से पहुंचे, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। तीन छात्र गेट के बाहर खड़े होकर अधिकारियों से लगातार मिन्नतें करते रहे, पर नियम आड़े आ गए।
परिजनों का आरोप था कि बाहर मार्गदर्शन की कमी के कारण रोल नंबर और रूम ढूंढ़ने में समय लग गया। उन्होंने मानसिक तनाव को देखते हुए 2-4 मिनट की छूट देने की मांग की, लेकिन मौके पर मौजूद एडिशनल एसपी ने साफ कहा- इन्हें अंदर भेजना मेरे हाथ में नहीं है।
गलत सेंटर पहुंचने से छूटी परीक्षा
भोपाल और छतरपुर में कुछ छात्र गलत परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए। छतरपुर का एक छात्र 22 किलोमीटर दूर नौगांव के केंद्र की जगह शहर के ही स्कूल पहुंच गया था। जब तक वह बाइक से सही केंद्र पहुंचा, गेट बंद हो चुके थे।
NEET परीक्षा से जुड़ी तस्वीरें देखिए…

छात्राओं से कान की बाली और टॉप्स भी उतरवा दिए गए।

सुरक्षा कर्मियों ने रक्षा सूत्र भी कटवा दिए।

मेटल डिटेक्टर से छात्र-छात्राओं की चेकिंग की गई।

कोई भी चीज परीक्षा केंद्र में नहीं ले जाने दी गई।

कई छात्र बिलकुल एंड टाइम पर पहुंचे, जिससे उन्हें भागना पड़ा।

छतरपुर में भी रक्षा सूत्र को काटकर प्रवेश दिया गया।

रीवा में प्लास से चेन काटकर अलग की गई।
नथ, कलावा उतरवाई, लोवर की चेन काटी
री-नीट परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सुरक्षा जांच के हैरान करने वाले नियम दिखे। रीवा, गुना और सतना में अभ्यर्थियों की मेटल डिटेक्टर से चेकिंग की गई। चेन, धातु के बटन, कलावा और गहने बाहर ही उतरवा लिए गए। कई छात्रों की पैंट के लोहे के बटन और चेन तक हटवाए गए।
नंगे पैर दी परीक्षा
सतना में एक छात्र के जूते जांच के दौरान बाहर रखवा दिए गए, जिसके बाद उसे नंगे पैर ही परीक्षा कक्ष में जाना पड़ा। वहीं, भोपाल में एक छात्रा को अपनी नाक की नथ और सतना में छात्राओं को कान के टॉप्स उतारने पड़े। पानी की बोतलों के रैपर भी हटवा दिए गए।
हॉस्टल में छूटा आधार कार्ड
इंदौर के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बाल विनय मंदिर में एक सकारात्मक तस्वीर भी सामने आई। यहां रिया नाम की एक छात्रा अपना आधार कार्ड हॉस्टल में ही भूल गई थी। वह गेट पर घबराकर रोने लगी।
ड्यूटी पर तैनात पलासिया थाने की उपनिरीक्षक अभिरुचि ने तत्परता दिखाते हुए छात्रा के परिजनों से संपर्क किया और वॉट्सएप पर आईडी की कॉपी मंगवाई। सत्यापन के बाद छात्रा को प्रवेश मिल गया।
भोपाल में डिजिटल कॉपी स्वीकार नहीं की
इसके विपरीत भोपाल के एक केंद्र पर एक अन्य छात्र भी अपना आईडी कार्ड भूल गया था, जिसने वॉट्सएप से कॉपी मंगवाई, लेकिन वहां सुरक्षा कर्मियों ने डिजिटल कॉपी स्वीकार नहीं की। छात्र को मूल कार्ड लाने के लिए वापस भागना पड़ा।
हाईटेक सुरक्षा और रेलवे स्टेशनों पर हेल्प बूथ
एनटीए ने इस बार परीक्षा के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है।
- GPS ट्रैकिंग और बायोमेट्रिक: परीक्षा सामग्री ले जाने वाले वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग और सीआरपीएफ एस्कॉर्ट की व्यवस्था रही। केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी और आधार-आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन किया गया।
- मेडिकल स्टाफ की छुट्टियां रद्द: नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए 20 और 21 जून को सभी मेडिकल कॉलेजों के छात्रों की छुट्टियां कैंसल कर दीं।
- रेलवे स्टेशनों पर मदद: भोपाल, विदिशा, नर्मदापुरम, गुना और अशोक नगर रेलवे स्टेशनों पर विशेष हेल्प बूथ बनाए गए, जहां छात्रों को परीक्षा केंद्रों के पते और परिवहन (ऑटो-बस) की जानकारी दी गई।
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