मध्य प्रदेश के डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों की शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) कराने को लेकर नया पेंच सामने आया है। मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री की घोषणा के बाद शिक्षकों की परीक्षा ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन कराने के स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर कर्
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ESB ने कहा है कि पिछले छह साल से मंडल सिर्फ ऑनलाइन परीक्षा करा रहा है, इसलिए वह ऑफलाइन परीक्षा नहीं करा सकेगा। अब सरकार दूसरी एजेंसी के जरिए परीक्षा कराने की तैयारी में जुट गई है।
ESB के इनकार के बाद नई एजेंसी की तलाश
लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने बताया कि कर्मचारी चयन मंडल ने सिर्फ ऑनलाइन परीक्षा कराने की बात कही है। ऐसे में अब शासन दूसरी एजेंसियों के माध्यम से परीक्षा कराने की व्यवस्था में जुटा है। परीक्षा के लिए किस एजेंसी को जिम्मेदारी दी जाएगी, यह शासन स्तर पर तय होगा।
अभी ESB के माध्यम से एमपी ऑनलाइन पर परीक्षा फीस जमा कराने और आवेदन लेने की प्रक्रिया चल रही है। एमपी ऑनलाइन भी परीक्षा कराता है, लेकिन ऑफलाइन परीक्षा नहीं कराता। ऐसे में ऑफलाइन TET के लिए नई एजेंसी की जरूरत होगी।
CM से चर्चा के बाद तय होगी नई एजेंसी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अभी दुबई में हैं और 9 सितंबर को भोपाल लौटेंगे। उनके लौटने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों और स्कूल शिक्षा मंत्री से चर्चा के बाद परीक्षा कराने वाली नई एजेंसी को लेकर फैसला हो सकता है। सरकार के सामने PSC को परीक्षा की जिम्मेदारी देने का विकल्प भी है, लेकिन PSC ने अब तक शिक्षकों की भर्ती या पात्रता परीक्षा नहीं कराई है। वह मुख्य रूप से वरिष्ठ पदों के लिए परीक्षाएं आयोजित करता है। इसलिए अंतिम फैसला मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री के स्तर पर होगा।

नई एजेंसी तय हुई तो बदल सकती है परीक्षा तारीख ESB ने पहले 12 अक्टूबर से शिक्षक पात्रता परीक्षा कराने की तैयारी की थी। अब ESB के परीक्षा कराने से इनकार के बाद नई एजेंसी तय होने पर परीक्षा की तारीख में भी बदलाव हो सकता है। नई एजेंसी की परीक्षा व्यवस्था और तय तारीख के आधार पर सरकार नई परीक्षा तिथि घोषित करेगी।
फिलहाल 18 सितंबर तक शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन लेने की प्रक्रिया को लेकर कोई बदलाव घोषित नहीं किया गया है। एजेंसी बदलने की स्थिति में आवेदन और परीक्षा व्यवस्था में भी बदलाव किया जा सकता है।
परीक्षा केंद्र बढ़ाने पर भी हो सकता है फैसला
ऑफलाइन परीक्षा के लिए नई एजेंसी तय होने के बाद परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ाने पर भी फैसला हो सकता है। फिलहाल भोपाल, इंदौर, जबलपुर, खंडवा, नीमच, रतलाम, रीवा, सागर, सतना, उज्जैन और सीधी में केंद्र बनाए गए हैं। सागर और चंबल-ग्वालियर अंचल के जिलों को केंद्रों में शामिल नहीं किया गया है।
शिक्षकों ने की जिला-ब्लॉक स्तर पर सेंटर बनाने की मांग शिक्षकों ने जिला और ब्लॉक स्तर पर परीक्षा केंद्र बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि दूर के शहरों में परीक्षा देने जाने से उन्हें परेशानी होगी। नई एजेंसी तय होने के बाद परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था में भी बदलाव किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जरूरी हुई TET
सुप्रीम कोर्ट ने मई 2026 में आदेश दिया था कि वर्ष 1998 से 2009 के बीच नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करनी होगी। कोर्ट ने पात्रता परीक्षा पास करने के लिए वर्ष 2028 तक का समय दिया है। शिक्षकों को हर साल दो बार होने वाली परीक्षा में शामिल होने का मौका मिल सकेगा।
अगर कोई शिक्षक छह बार परीक्षा देने के बाद भी पात्रता परीक्षा पास नहीं कर पाता है तो उसकी सेवा समाप्त की जाएगी। इसी आदेश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने TET कराने की प्रक्रिया शुरू की थी।
इसके तहत कर्मचारी चयन मंडल ने पहले 21 अगस्त से 4 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। बाद में आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 18 सितंबर कर दी गई। अब ऑफलाइन परीक्षा कराने का फैसला होने और ESB के इससे इनकार के बाद पूरी परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की स्थिति बन गई है।
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सीएम बोले- TET की परीक्षा ऑफलाइन भी कराएंगे

भोपाल में शिक्षक दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में बदलावों को लेकर अहम घोषणा की। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश में पहली बार शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) ऑफलाइन भी आयोजित की जाएगी।पूरी खबर पढ़ें