चिता को मुखाग्नि देता बेटा और जानकारी देता रिश्तेदार। इनसेट में गुरसेवक की फोटो।
मोहाली में कत्ल किए हेडमास्टर गुरसेवक सिंह (48) के मर्डर मामले में परिजनों ने नए खुलासे किए हैं। परिवार का कहना है कि स्कूल में साथ पढ़ाने वाली एक महिला टीचर के साथ गुरसेवक की कुछ दिन पहले काम को लेकर बहस हुई थी। महिला टीचर पर लापरवाही बरतने के आरोप
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इसकी शिकायत विभाग से किए जाने के बाद महिला टीचर का तबादला कर दिया गया था। परिवार का आरोप है कि इसी रंजिश के चलते महिला टीचर ने बदला लेने के लिए गुरसेवक पर हमला करवाया।
गुरसेवक पर 5 अगस्त को उनके घर के बाहर हमला किया गया था। कार में सवार युवकों ने उन पर कुल्हाड़ी और तेजधार हथियारों से हमला किया था। रविवार को मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

गुरसेवक के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाते हुए।
5 अगस्त को घर पहुंचते ही किया था हमला परिवार के अनुसार, गुरसेवक खरड़ के सनी एन्क्लेव में रहते थे। 5 अगस्त को वह रोजाना की तरह स्कूल से अपने घर पहुंचे थे। जैसे ही वह अपनी गाड़ी से नीचे उतरे, i20 कार में सवार कुछ युवक वहां पहुंचे और उन पर हमला कर दिया।
हमलावरों ने कुल्हाड़ी और तेजधार हथियारों से गुरसेवक पर कई वार किए। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान रविवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।
स्कूल की महिला टीचर से हुआ था विवाद गुरसेवक के साला नाजर सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले गुरसेवक की स्कूल में साथ पढ़ाने वाली एक महिला टीचर से बहस हुई थी। शिक्षिका स्कूल का काम करने और बच्चों को पढ़ाने में लापरवाही बरत रही थी।
इस संबंध में गुरसेवक ओर से शिक्षा विभाग को शिकायत दी गई थी। शिकायत के बाद विभाग ने शिक्षिका का तबादला कर दिया। उनका आरोप है कि तबादले के बाद शिक्षिका गुरसेवक से रंजिश रखने लगी और इसी रंजिश में उनकी हत्या करवाई गई। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस जांच में पुष्टि होना बाकी है। पुलिस हत्या के पीछे के कारणों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

श्मशानघाट में गुरसेवक की पत्नी को संभालते परिजन।
1 मई को भी हुआ था गुरसेवक पर हमला परिवार ने बताया कि गुरसेवक पर इससे पहले 1 मई को भी हमला करने की कोशिश हुई थी। वह अपने साथी शिक्षक की रिटायरमेंट पार्टी में शामिल होने गए थे। इसी दौरान i20 कार में सवार कुछ युवक वहां पहुंचे थे। उस समय वहां मौजूद अन्य शिक्षक सतर्क हो गए, जिसके चलते हमलावर अपने इरादे में सफल नहीं हो सके और बड़ा हादसा टल गया। इस घटना के बाद भी गुरसेवक को खतरे की आशंका थी।
पत्नी भी टीचर, बड़ा बेटा कनाडा में गुरसेवक अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी भी टीचर हैं। उनका बड़ा बेटा पढ़ाई के लिए कनाडा गया हुआ है, जबकि छोटा बेटा गजलप्रीत सिंह उनके साथ रहकर पढ़ाई कर रहा था। रविवार को छोटे बेटे ने ही उन्हें मुखाग्नि दी।
पार्षद बोले- स्कूल के विकास पर रहता था पूरा ध्यान इलाका पार्षद रविंद्र बिंद्रा ने बताया कि गुरसेवक स्कूल के हेडमास्टर थे और वह स्कूल के अध्यक्ष थे। इस कारण महीने में कम से कम दो बार बैठक होती थी। गुरसेवक का पूरा ध्यान स्कूल के विकास, बच्चों की पढ़ाई और खेलकूद की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर रहता था।

DEO बोलीं- विभाग के लिए बहुत बड़ा नुकसान गुरसेवक के अंतिम संस्कार में परिवार और रिश्तेदारों के अलावा उनके साथी शिक्षक और मोहाली की जिला शिक्षा अधिकारी गिन्नी दुग्गल भी पहुंचीं। उन्होंने गुरसेवक को मेहनती और जिम्मेदार अधिकारी बताते हुए कहा कि काम के मामले में वह बेहद ईमानदार थे। विभाग को जब भी किसी तरह के डेटा की जरूरत होती थी, वह कई बार पूरी रात बैठकर काम पूरा करते थे और अगले दिन की बैठक से पहले सारा डेटा उनकी टेबल पर उपलब्ध करा देते थे। गुरसेवक का निधन शिक्षा विभाग के लिए बहुत बड़ा नुकसान है।
पुलिस कई एंगल से कर रही जांच घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस हमलावरों की कार, आरोपियों की पहचान और हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है। परिवार की ओर से शिक्षिका पर लगाए गए आरोप भी जांच का हिस्सा हो सकते हैं। फिलहाल हत्या की वास्तविक वजह और आरोपियों की भूमिका पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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मोहाली में सरकारी स्कूल के हेडमास्टर की हत्या कर दी गई। हमलावरों ने उनस पर कुल्हाड़ी और किरच से हमला किया था। हमले के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तीन दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद रविवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। (पढ़ें पूरी खबर)