![]()
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में आयोजित तीन दिवसीय तकनीकी महोत्सव ‘रोबोवर्स-26’ का रविवार को समापन हुआ। अंतिम दिन विद्यार्थियों ने रोबोटिक्स और ऑटोमेशन में अपनी तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया। महोत्सव में रोबोट्स को जटिल बाधाओं से निकालने की चुनौती दी गई। वहीं, भारतीय वायुसेना की विशेष प्रदर्शनी ने भी विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित किया। आईईईई छात्र शाखा की ओर से आयोजित महोत्सव में कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने तकनीकी एरीना का भ्रमण किया। उन्होंने विद्यार्थियों की ओर से तैयार रोबोट्स की कार्यप्रणाली, सर्किट डिजाइन और नियंत्रण प्रणालियों को देखा। साथ ही प्रतिभागियों से संवाद कर उनके नवाचार और तकनीकी समझ की सराहना की। बिना मानवीय मदद के बाधाएं पार करने की चुनौती महोत्सव के अंतिम दिन ‘ऑब्स्टेकल अवॉइडेंस’ प्रतियोगिता में रोबोट्स की क्षमता परखी गई। इससे पहले बॉट असेंबली और रैम्पेज जैसे चरण आयोजित किए गए थे। अंतिम राउंड में प्रतिभागियों को सेंसर और प्रोग्रामिंग की मदद से रोबोट्स को जटिल बाधाओं वाले ट्रैक पर बिना मानवीय हस्तक्षेप के आगे बढ़ाना था। इसमें रोबोट्स की सेंसर क्षमता, एल्गोरिदम और ऑटोमैटिक नेविगेशन का परीक्षण किया गया। विद्यार्थियों ने कोडिंग, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बेहतर तालमेल से अपनी तकनीकी प्रतिभा दिखाई। वायुसेना की प्रदर्शनी देखने पहुंचे विद्यार्थी कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें वायुसेना से जुड़ी तकनीकी जानकारियां साझा की गईं और आधिकारिक मर्चेंडाइज उपलब्ध कराया गया। स्क्वाड्रन लीडर कमलजीत कौर और उनके सहयोगियों ने महोत्सव में पहुंचकर विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों की तकनीकी गतिविधियों में रुचि दिखाई। वायुसेना के अधिकारियों की मौजूदगी से विद्यार्थियों को रक्षा और एयरोस्पेस तकनीक के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं को जानने का अवसर मिला। आयोजन में ब्रांच काउंसलर डॉ. शिखा सिंह, फैकल्टी एडवाइजर प्रो. प्रभाकर तिवारी और छात्र चेयरपर्सन नीलेश कुमार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। तीन दिनों तक चले महोत्सव में विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, प्रोग्रामिंग और व्यावहारिक इंजीनियरिंग कौशल प्रदर्शित करने का मंच मिला।
Source link
MMMUT में ‘रोबोवर्स-26’ का समापन:सेंसर, कोडिंग और ऑटोमेशन का कमाल; वायुसेना की प्रदर्शनी ने खींचा ध्यान