ITBP जवान की मां का हाथ कटने के मामले में मंगलवार को जवान की मौसेरी बहन सविता ने रेल बाजार थाने पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए। इलाहाबाद से आई मौसेरी बहन ने पुलिस को बताया कि कृष्णा अस्पताल में मौसी का हाथ सफेद पट्टियों से कसा था और वह दर्द से कराह रही
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जवान की बहन ने दर्ज कराए आखिरी बयान
इस पर उन्होंने ही चीखते हुए मौजूद अस्पताल कर्मियों से कहा था कि क्या मौसी को मार डालोगे… जल्दी उनकी पट्टियां खोलो। इसके बाद मौसी के हाथ की पट्टी खोली गई तो वह पूरा काला पड़ चुका था। इसके साथ ही पीड़ित व कृष्णा और पारस हॉस्पिटल समेत सभी पक्षों के बयान पूरे हो गए। जिसके बाद रेलबाजार पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है।
17 मई को काटा गया था निर्मला का हाथ
13 फरवरी को फतेहपुर निवासी ITBP जवान विकास ने अपनी मां निर्मला देवी को टाटमिल स्थित कृष्णा अस्पताल में भर्ती कराया था। उन्हें सांस लेने में दिक्कत में थी लेकिन 24 घंटे के बाद ही उनके हाथ में सूजन आ गई थी और वह काला पड़ गया था। इसके बाद विकास मां को बिठूर के पारस अस्पताल ले गया जहां 17 मई को उनकी जान बचाने के लिए निर्मला का हाथ काटना पड़ा था।
पुलिस कमिश्नर से शिकायत पर रेलबाजार थाने में मामला दर्ज होने के बाद बीते चार-पांच दिनों से जांच और बयान लेने का सिलसिला चल रहा था। मंगलवार को अंतिम बयान ITBP जावन की मौसेरी बहन सविता के लिए गए। सविता के मुताबिक कृष्णा अस्पताल वालों ने गंभीर लापरवाही की थी, जिसे छिपाने के लिए उन्होंने मौसी का पूरा हाथ पट्टियों से कस रखा था।
सविता के अनुसार कृष्णा अस्पताल में जो हुआ तो हुआ बाकी कसर पारस अस्पताल वालों ने पूरी कर दी। इस कारण निर्मला मौसी को जीवन भर के लिए अपना एक हाथ गंवाना पड़ गया। वहीं दोनों दोनों अस्पताल के डॉक्टरों, स्टाफ और प्रबंधतंत्र के बयान पूरे होने के बाद चार्जशीट पूरी हो गई। जिसके बाद पुलिस ने 9 लोगों के खिलाफ चार्जशीट देर शाम कोर्ट में दाखिल कर दी।