विशाखापत्तनम 2 मिनट पहले
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आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में गूगल का डेटा सेंटर बन रहा है। तीन कैंपस बनेंगे। राज्य सरकार ने 3 गांवों की 586 एकड़ जमीन दी है। अदाविवरम-मुदासरलोवा गांव में काम शुरू हो चुका है।
160 एकड़ में जंगल काटने और जमीन समतल करने के लिए पहाड़ी छीलने के आरोप हैं। वन्यजीव अभयारण्य और जलाशय के पास होने से पर्यावरणविद भी प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं।
गांव वालों का कहना है, ‘जमीन उनकी आजीविका का आधार थी।’ तरलुवाड़ा की पूर्व सरपंच पायला कोंडम्मा ने कहा, ‘सर्वे के समय अफसरों ने भरोसा दिलाया था कि जमीन हमारी रहेगी। किसान अप्पलाराजू ने आरोप लगाया कि वर्षों पहले आवंटित जमीन अब ली जा रही है।
करीब ₹1.3 लाख करोड़ की लागत, 2028 में शुरू होने की संभावना
15 अरब डॉलर यानी करीब ₹1.3 लाख करोड़ का AI हब बन रहा है। इसमें बड़े डेटा सेंटर और अंतरराष्ट्रीय समुद्र के नीचे बिछने वाली इंटरनेट केबलों का नेटवर्क शामिल है। निर्माण अप्रैल 2026 में शुरू हुआ और कंपनी के मुताबिक, यह 2028 में चालू हो सकता है।
2 देशों ने डेटा सेंटर के लिए क्या तरीके अपनाए…
इंडोनेशिया: घरों के नल सूखे, डेटा सेंटर में भरपूर पानी
इंडोनेशिया के बाटाम द्वीप में डेटा सेंटर से सबकुछ बदल गया है। नलों में पानी नहीं है, जबकि डेटा सेंटर में पर्याप्त पानी है। लोगों का कहना है, ‘3 महीने से एक बूंद पानी नहीं आया। पहले जल आपूर्ति भरोसेमंद थी। अब वे टैंकर भरोसे है।’ नाराज लोगों ने डेटा सेंटर पर धावा भी बोला।
चीन ने ऐसे निकाला हल…
चीन ने डेटा सेंटर में पानी-बिजली की खपत का हल निकाला है। उलानकाब शहर में 90 डेटा सेंटर बनाए जा रहे हैं। हर सेंटर को 80% से ज्यादा बिजली सीधे पवन ऊर्जा से मिलेगी। यहां की ठंडी जलवायु के चलते डेटा सेंटर को ठंडा रखने की जरूरत कम पड़ेगी।
