गोंडा2 मिनट पहले
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पूर्वोत्तर रेलवे के गोंडा-घाघरा घाट-बुढ़वल रेलखंड पर बिछाई गई नई विद्युतीकृत तीसरी रेलवे लाइन पर गुरुवार, 20 अगस्त से ट्रेनों का नियमित संचालन शुरू होगा। नई लाइन के शुरू होने से गोंडा, गोरखपुर, बाराबंकी और लखनऊ रूट पर ट्रेनों की लेटलतीफी कम होने के साथ रेल यातायात को गति मिलेगी।
बुढ़वल से घाघरा घाट के बीच करीब 11.77 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन का तकनीकी और संरक्षा परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। संरक्षा आयुक्त के निरीक्षण के दौरान ट्रैक पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल भी किया गया था। सभी आवश्यक मंजूरियां और कमिशनिंग का कार्य पूरा होने के बाद रेलवे प्रशासन ने इस लाइन को नियमित यात्री और मालगाड़ी संचालन के लिए अनुमति दे दी है।

तीन लाइनों से बढ़ेगी परिचालन क्षमता
पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने बुधवार शाम 6 बजे जानकारी दी कि इस रेलखंड पर तीन समानांतर रेल लाइनों की सुविधा उपलब्ध होने से ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ेगी। लखनऊ-गोरखपुर रेलखंड पर अधिक ट्रैफिक दबाव के कारण ट्रेनों को आउटर पर रोकना पड़ता था। तीसरी लाइन शुरू होने से इस समस्या में कमी आएगी।
नई लाइन से ट्रेनों की औसत गति में सुधार होगा और यात्री कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों को भी बिना बाधा संचालित करने में सुविधा होगी।

लाखों यात्रियों को मिलेगा फायदा
तीसरी लाइन शुरू होने से गोंडा, गोरखपुर, बस्ती, अयोध्या, बाराबंकी और लखनऊ के लाखों दैनिक और लंबी दूरी के यात्रियों को सुरक्षित और सुगम रेल सफर मिलेगा। घाघरा घाट और बुढ़वल के बीच तीसरी लाइन का जुड़ना उत्तर भारत और पूर्वोत्तर राज्यों को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
रेलवे प्रशासन के अनुसार, इस लाइन के शुरू होने से भविष्य में इस रूट पर अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन का रास्ता भी साफ होगा।
