GDA बोर्ड की बैठक आज:विस्तारित क्षेत्र में मानचित्र पास करने पर होगी चर्चा; 24 प्रस्ताव रखे जाएंगे


गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) बोर्ड की 131वीं बैठक सोमवार को सुबह 11 बजे से होगी। इस बैठक में महत्वपूर्ण 24 प्रस्तावों पर चर्चा होगी। इसमें सबसे अहम प्रस्ताव विस्तारित क्षेत्र के 3 नगर पंचायतों एवं 233 गांवों में मानचित्र पास करने से जुड़ा है। यहां की महायोजना अभी नहीं बनी है और इस क्षेत्र के लोग मानचित्र को लेकर परेशान रहते हैं। बैठक में शासन की ओर से निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को इन क्षेत्रों में लागू करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। कमिश्नर इंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में जर्जर और पुरानी प्राधिकरण संपत्तियों का राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (NBCC) के माध्यम से जीरो फाइनेंशियल बर्डन पर पुनर्विकास कराने से लेकर रामगढ़ताल के सौंदर्यीकरण, महायोजना-2031 की सड़कों की चौड़ाई स्पष्ट करने और अनियोजित निर्माण पर अंकुश लगाने के लिए प्रवर्तन दल बढ़ाने जैसे प्रस्ताव रखे जाएंगे। बोर्ड बैठक में खोराबार आवासीय योजना में निर्माणाधीन बहुमंजलीय ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और एमआईजी भवनों के नामकरण के साथ कुश्मी इन्क्लेव का नाम बदलने का प्रस्ताव भी है। वहीं, प्राधिकरण की ओर से विकसित गोरक्ष इन्क्लेव, पत्रकारपुरम, पत्रकारपुरम विस्तार और राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजनाओं के साथ पैडलेगंज से स्मार्टव्हील तक ताल रिंग रोड और पैडलेगंज से नया सवेरा फेज-1 तक सड़क को अनुरक्षण के लिए नगर निगम को हस्तांतरित करने पर भी निर्णय लिया जाएगा। रामगढ़ताल को साफ रखने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए झील और उसके आसपास विभिन्न सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्य कराने का प्रस्ताव भी बोर्ड के सामने रखा जाएगा। इसके अलावा शहर में निर्मित और निर्माणाधीन कन्वेंशन सेंटर पर अब तक हुए खर्च और निर्माण की अद्यतन प्रगति की जानकारी बोर्ड के समक्ष रखी जाएगी। योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह की बुकिंग दरों के पुनर्निर्धारण का प्रस्ताव भी शामिल है। प्रेक्षागृह के हॉल और कैंटीन स्पेस को पीपीपी मॉडल अथवा प्राधिकरण के माध्यम से अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी और वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन (ODOC) रेस्तरां/कैंटीन के रूप में विकसित करने पर भी निर्णय लिया जाएगा। महायोजना की सड़कों की चौड़ाई क्लियर होगी
महायोजना-2031 के तहत सोनौली मार्ग से हार्बर्ट बांध तक प्रस्तावित 24 मीटर मार्ग, गुरूंग तिराहा से एम्स की सीमा तक 45 मीटर और एम्स से विकास क्षेत्र की सीमा तक 60 मीटर सड़क की चौड़ाई स्पष्ट करने के प्रस्ताव रखे जाएंगे। असुरन से खजांची, फर्टिलाइजर रोड और मानीराम-जगदीशपुर बाईपास तक प्रस्तावित मार्गों की चौड़ाई भी अलग-अलग हिस्सों में 30 से 60 मीटर तक स्पष्ट करने का प्रस्ताव है। अलोकप्रिय सम्पत्तियों के पुनर्मूल्याकन पर चर्चा
इसके अलावा चिलुआताल की शासकीय भूमि और वहां कराए गए विकास कार्यों के हस्तांतरण, ठेकेदार फर्मों के पंजीकरण, जीडीए की आंतरिक कार्यप्रणाली में जवाबदेही और त्वरित जनसुविधा, अनिस्तारित संपत्तियों के पुनर्मूल्यांकन और प्रवर्तन दल की संख्या और मानदेय बढ़ाने जैसे प्रस्तावों पर भी बोर्ड चर्चा करेगा। श्रम विभाग की जमीन का भू-उपयोग बदलने का प्रस्ताव
बोर्ड बैठक में उप श्रम आयुक्त कार्यालय के पीछे स्थित भूमि के भू-उपयोग में बदलाव का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। वर्तमान में यह भूमि कार्यालय तथा सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक सुविधा के भू-उपयोग में दर्ज है। इसे आवासीय भू-उपयोग में परिवर्तित करने के लिए बोर्ड से अनुमोदन मांगा गया है। बोर्ड की स्वीकृति के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।

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