फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ स्थित सिखलाई रेजिमेंट में एक अग्निवीर का शव बैरक में फंदे से लटका मिला है। अग्निवीर तीन दिन से लापता था, जिसके बाद खाली बैरक से बदबू आने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने बैरक का दरवाजा खोलकर शव को नीचे उतारा।
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मृतक अग्निवीर की पहचान पंजाब के बरनाला जिले के तालेवाल थाना क्षेत्र के गांव भगतगढ़ निवासी जसनप्रीत (22) के रूप में हुई है। वह फतेहगढ़ की सिखलाई रेजिमेंट की एडम बटालियन में तैनात था और मार्च में प्रशिक्षण के लिए यहां आया था। जसनप्रीत तीन दिन पहले अपनी बटालियन से लापता हो गया था, जिसके बाद रेजिमेंट में उसकी तलाश की जा रही थी। पढ़ें पूरी खबर…
बिजनौर में हाथ पकड़कर प्रेमी जोड़े ने नहर में छलांग लगाई, प्रेमिका बची, युवक डूबा

बिजनौर में प्रेमी जोड़े ने नहर में छलांग लगा दी। प्रेमी का ममेरी बहन से एक साल से अफेयर चल रहा था। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन घर वाले इसका विरोध कर रहे थे। इसको लेकर आए दिन झगड़ा होता था। बुधवार दोपहर प्रेमी घर से 50 किलोमीटर दूर मामा के घर पहुंचकर शादी की बात करने लगा।
इसको लेकर झगड़ाहो गया। इसके बाद प्रेमी कुछ दूर गाड़ी लेकर खड़ा हो गया। प्रेमिका भी घर से निकलकर प्रेमी की गाड़ी पर बैठ गई। फिर घर से 500 मीटर दूर दोनों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नहर में छलांग लगा दी। लड़की की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग उसे बचाने के लिए नहर में कूदे। उन्होंने लड़की को बाहर निकाल लिया, लेकिन लड़का डूब गया। पढ़ें पूरी खबर…
चकबंदी आयुक्त ने लापरवाह अफसरों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी, विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया

यूपी के चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने चकबंदी कार्यों की प्रगति एवं वादों के निस्तारण की समीक्षा की। इसमें कानपुर देहात, बरेली, कानपुर नगर, भदोही, औरैया और बांदा जैसे अन्य जनपदों की प्रगति अच्छी मिली। वहीं सिद्धार्थनगर, जौनपुर, फिरोजाबाद, झांसी, मेरठ, बलिया, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, मथुरा, संभल, कुशीनगर और बागपत के चकबंदी कार्यों की प्रगति खराब मिली।
खराब प्रगति वाले जनपदों के बंदोबस्त अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कड़ी चेतावनी दी गई। इसके अलावा चकबंदी कार्यों में घोर लापरवाही, वादों के निस्तारण और जनहित के कार्यों में शिथिलता पर इटावा, शामली, जालौन, अलीगढ़ और फर्रुखाबाद के बंदोबस्त अधिकारियों के प्रति गहरी नाराजगी जताई। साथ ही निर्देश दिए कि इनके वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि (ए.सी.आर.) में शासकीय कार्यों के प्रति शिथिलता का उल्लेख करते हुए जनहित के कार्यों में रुचि न लेने पर विभागीय कार्रवाई की जाए।
