नेतानार में गुंडाधुर के परिजनों से मिले अमित शाह।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर के नेतानार में कहा कि, आज का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि पिछले 6 महीनों के काम के बाद अब यह पूरा क्षेत्र आदिवासियों से भरा दिखाई दे रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि बस्तर की इसी पावन भूमि से अंग्रेजों के खिलाफ ऐतिहासि
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शाह ने कहा कि एक दौर वह भी था जब यहां एक साथ 6 पुलिसवालों की हत्या कर दी जाती थी, स्कूल उजाड़ दिए जाते थे और गरीबों का राशन तक छीन लिया जाता था। नक्सलियों का खौफ ऐसा था कि वे मासूम बच्चों को उनके बचपन में ही जबरन उठा ले जाते थे।
गृह मंत्री ने आगे कहा कि अब सरकार ने कड़े कदम उठाकर बस्तर से इस गनतंत्र को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही अब इस ऐतिहासिक धरती को एक तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने का काम शुरू किया जा रहा है।
यहां के आदिवासी बच्चों को अब वे तमाम आधुनिक सुविधाएं दी जा रही हैं, जो पहले केवल बड़े शहरों में ही मिलती थीं। अब हर गरीब परिवार तक पीने का साफ पानी पहुंचाया जा रहा है, उनके राशन कार्ड और आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं और उन्हें 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है।
शाह के भाषण की बड़ी बातें
- इतिहास गवाह: अंग्रेजों से लोहा लेने वाले शहीद गुंडाधुर की यह धरती अब नया तीर्थस्थल बनेगी।
- गनतंत्र का अंत: बस्तर से बंदूक का राज खत्म, 6 महीने में आदिवासियों के चेहरे पर लौटी रौनक।
- खौफ का दौर खत्म: जहां स्कूल उजाड़े जाते थे और राशन छिनता था, वहां अब विकास पहुंच रहा है।
- मासूमियत को सुरक्षा: बचपन में ही बच्चों को उठा ले जाने वाले नक्सलियों का जाल अब पूरी तरह साफ।
- शहरों जैसी सुविधाएं: बस्तर के आदिवासी बच्चों को भी अब मिलेंगी महानगरों जैसी आधुनिक सुविधाएं।
- मूलभूत अधिकार: हर गरीब के घर तक साफ पानी, मुफ्त राशन, आधार और राशन कार्ड की गारंटी।
- मुफ्त इलाज: गंभीर बीमारियों से लड़ाई के लिए हर गरीब परिवार को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज।
- रोजगार की गारंटी: स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए खुलेंगे नौकरियों और काम-धंधे के नए रास्ते।
- मुफ्त राशन: प्रदेश के गरीब परिवारों को सरकार की तरफ से खाने का चावल बिल्कुल मुफ्त मिलेगा।
- धान का सही दाम: छत्तीसगढ़ के किसानों से ₹3100 प्रति क्विंटल के ऐतिहासिक समर्थन मूल्य पर धान खरीदी।

रायपुर के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर ग्राउंड में कार्यक्रम आयोजित था।

112 के 400 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
112 के 400 हाईटैक वाहन को दिखाई हरी झंडी
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर के माना स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (PTS) में डायल 112 के 400 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब क्राइम, मेडिकल इमरजेंसी, आगजनी पर एक ही नंबर पर मदद मिलेगी।
रायपुर के इस कार्यक्रम के तुरंत बाद अमित शाह नेतानार से जगदलपुर रवाना हो गए हैं। यहां अमर वाटिका में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
दौरे के अंतिम चरण में वे जगदलपुर में ही मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री शामिल होकर विकास कार्यों पर चर्चा करेंगे।
क्राइम, मेडिकल और आगजनी के लिए एक नंबर
‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर शुरू की गई डायल-112 सेवा में पुलिस, फायर और मेडिकल इमरजेंसी को एक प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है।
इसके लिए 400 हाईटेक वाहन उतारे गए हैं, जिनमें GPS, डैश कैम, PTZ कैमरा, वायरलेस रेडियो और सोलर बैकअप जैसी सुविधाएं हैं। इससे घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग, रियल टाइम ट्रैकिंग और तेजी से रिस्पॉन्स संभव होगा।

रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में ‘डायल 112’ के लोगो वाला मोमेंटो लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह।
डायल-112 सेवा का पूरे प्रदेश में विस्तार
डायल 112 सेवा का विस्तार राज्य सरकार की उन बड़ी योजनाओं में शामिल है, जिसके जरिए पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। डिप्टी सीएम विजय शर्मा के मुताबिक, अभी तक सिर्फ 16 जिलों तक सीमित रहने वाली इस सेवा को अब पूरे छत्तीसगढ़ में लागू किया जा रहा है।
इस नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के सभी थानों को डायल-112 से जोड़ा जाएगा, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में आम जनता तक पुलिस सहायता पहले की तुलना में ज्यादा तेज और प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

गुंडाधुर के गांव नेतानार में कार्यक्रम आयोजित है।
हर जिले को फॉरेंसिक जांच की सुविधा
राज्य सरकार ने इस दौरे के दौरान अपराध जांच सिस्टम को तकनीकी रूप से मजबूत किया है। इसके तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट्स रवाना की गईं।
इन विशेष वाहनों में लगे आधुनिक उपकरणों की मदद से घटनास्थल पर ही शुरुआती जांच हो सकेगी।

केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इससे पहले के बस्तर दौरे की तस्वीरें।

बस्तर के नेतानार में अमित शाह के कार्यक्रम स्थल को ‘सेवा डेरा’ नाम दिया गया है।
बादल एकेडमी में होगी विकास और सुरक्षा पर चर्चा
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद अमित शाह जगदलपुर के एक निजी होटल पहुंचेंगे, जहां दोपहर भोजन के बाद बैठकों का दौर शुरू होगा।
दोपहर 2:35 बजे से वे बादल एकेडमी में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा करेंगे। इस दौरान बस्तर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों, सुरक्षा अभियानों और जनकल्याण योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।
इसके बाद होटल ग्रैंड एम्बिशन में अलग-अलग विभागों की ओर से प्रेजेंटेशन भी दिए जाएंगे। माना जा रहा है कि इन प्रस्तुतियों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सकती है।

नेतानार में अमित शाह को सुनने ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात और लोक संस्कृति कार्यक्रम
शाम के समय अमित शाह भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वे फिर से बादल अकादमी पहुंचेंगे, जहां ‘बस्तर के संग’ नाम से आयोजित लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
इस कार्यक्रम में बस्तर की पारंपरिक लोक कला, नृत्य और संस्कृति की झलक पेश की जाएगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ रात्रि भोज का आयोजन भी रखा गया है। इसके बाद शाह जगदलपुर में ही रात्रि विश्राम करेंगे।
कल मध्य क्षेत्रीय परिषद की अहम बैठक
दौरे के तीसरे दिन यानी 19 मई मंगलवार को जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगी। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह करेंगे।
इस बैठक में 4 राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में अंतरराज्यीय समन्वय, क्षेत्रीय विकास, सुरक्षा व्यवस्था, नक्सल प्रभावित इलाकों की स्थिति और प्रशासनिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें राज्यों के बीच समन्वय से जुड़े कई लंबित मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
सुरक्षा-विकास पर रहेगा फोकस; बस्तर को देंगे कई जनसुविधाएं
दौरे के दौरान उनका मुख्य फोकस सुरक्षा व्यवस्था, बस्तर में विकास कार्यों की समीक्षा, जनसुविधाओं के विस्तार और मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक पर रहेगा। इस दौरे में सुरक्षा और विकास के बीच संतुलन बनाने की कोशिश नजर आएगी।
डायल-112 सेवा के विस्तार से लेकर बस्तर में जन सुविधा केंद्र के उद्घाटन, फॉरेंसिक यूनिट्स, और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि तक, कार्यक्रमों की पूरी श्रृंखला इसी दिशा में तैयार की गई है।
बस्तर के कैंप बनेंगे सुविधा केंद्र
अमित शाह के बस्तर दौरे को लेकर छ्त्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, बस्तर पूर्ण रूप से नक्सलवाद से मुक्त हो गया है। जिसके बाद अब कल (19 मई) को मध्य क्षेत्रीय परिषद की बड़ी बैठक होने वाली है। साल 2025 में ये बैठक उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुई थी।
विजय शर्मा ने कहा कि नेतानार में सुरक्षा कैंप अब सुविधा केंद्र में बदल रहा है। इसकी शुरुआत अमित शाह करेंगे। भविष्य में बस्तर के सारे कैंपों को सुविधा केंद्र के रूप में ही डेवलप किया जाएगा।
वर्चुअल हो सकती थी बैठक, लाखों रुपए क्यों फूंके जा रहे- बैज
अमित शाह के बस्तर दौरे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। PCC चीफ दीपक बैज ने कहा कि प्रधानमंत्री पूरे देश से आह्वान कर रहे है कि वर्कफ्रॉम होम करें, पेट्रोल-डीजल बचाएं। अब उनके ही गृहमंत्री, मुख्यमंत्री उनकी बात नहीं मान रहे।
मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक वर्चुअल क्यों नहीं की गई, जबकि सभी मुख्यमंत्री सचिवालय और गृह मंत्रालय के पास वीडियो कान्फ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध है।
मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, चार राज्यों के मुख्यमंत्री या उनके प्रतिनिधि बस्तर आएंगे। सब अलग-अलग विशेष विमान से आएंगे, लाखों रुपए खर्च होगा, डीजल-पेट्रोल तथा विमान का ईंधन खर्च होगा। यह बैठक तो वर्चुअल हो सकती थी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद दिल्ली रवाना होंगे
बैठक के बाद दोपहर भोजन का कार्यक्रम रखा गया है। इसके बाद अमित शाह दोपहर 2:50 बजे से 3:30 बजे तक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान वे सुरक्षा, विकास और परिषद बैठक से जुड़े अहम फैसलों की जानकारी साझा कर सकते हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद वे जगदलपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे और शाम 3:45 बजे विशेष विमान से दिल्ली लौट जाएंगे। उनका विमान शाम 6 बजे पालम स्थित एयरफोर्स स्टेशन पहुंचेगा, जहां से वे सड़क मार्ग से अपने आवास रवाना होंगे।
अमित शाह के इस दौरे को छत्तीसगढ़, खासकर बस्तर क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुरक्षा और विकास के एजेंडे के साथ हो रहे इस दौरे पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नजर बनी हुई है। ………………………
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लोकसभा में नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया कि भारत अब लगभग नक्सल-मुक्त हो चुका है। आज यानी 31 मार्च 2026 तक तय लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। अपने भाषण में शाह ने छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर नक्सलियों को बचाने का आरोप लगाया और यहां तक कहा ‘भूपेश बघेल को पूछो, प्रूफ दूं क्या।’ पढ़ें पूरी खबर…