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बलरामपुर के विशुनपुर विश्राम स्थित राजकीय आश्रम पद्धति बालिका इंटर कॉलेज में एक दिवसीय विज्ञान जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। रविवार दोपहर को हुई इस कार्यशाला ने छात्राओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित किया। इसका मुख्य उद्देश्य उन्हें रटने की बजाय ‘क्यों’ और ‘कैसे’ की सोच विकसित करने तथा आधुनिक तकनीक से जोड़ने का था। यह कार्यशाला जिलाधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता प्रधानाचार्या पल्लवी सचान ने की। मुख्य वक्ता और जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक त्रिपुरारी पूजन ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि विज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को समझने और सही निर्णय लेने का आधार है। उन्होंने छात्राओं को हर घटना के पीछे के कारणों को जानने और सवाल पूछने की आदत विकसित करने पर जोर दिया। कार्यशाला में सह-समन्वयक आशीष कुमार वर्मा ने समाज में फैले अंधविश्वासों और कुरीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कई रोचक प्रयोगों के जरिए यह प्रदर्शित किया कि तथाकथित चमत्कारों के पीछे भी वैज्ञानिक तर्क होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अज्ञानता का अंधकार केवल विज्ञान के प्रकाश से ही दूर किया जा सकता है। तकनीकी सत्र में विज्ञान अध्यापक शिवांक पांडेय ने सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि डिजिटल युग में इंटरनेट का सही उपयोग छात्राओं को वैश्विक स्तर की शिक्षा और शोध से जोड़ सकता है। उन्होंने भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तकनीकी दक्षता को आवश्यक बताया। इस कार्यशाला में लगभग 200 छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने वक्ताओं से उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। अंत में, प्रधानाचार्या पल्लवी सचान ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें वैज्ञानिक प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करते हैं।
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बलरामपुर में छात्राओं में जगी वैज्ञानिक सोच:अंधविश्वास को चुनौती, क्यों और कैसे से खुला ज्ञान का द्वार