- Hindi News
- National
- Opposition Plans Fresh Move To Remove Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar, Seeks 200 MP Signatures |
नई दिल्ली4 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

विपक्षी दल फिर से मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की योजना बना रही हैं। सूत्रों के अनुसार, कई विपक्षी दलों के नेता आपस में बातचीत कर रहे हैं।
कम से कम पांच वरिष्ठ सांसद, जिनमें कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और डीएमके शामिल हैं, एक नए नोटिस का मसौदा तैयार करने पर काम कर रहे हैं, ताकि हटाने की कार्यवाही शुरू की जा सके।
विपक्ष ने 200 हस्ताक्षर हासिल करने का लक्ष्य रखा
लोकसभा में शुक्रवार को संविधान में 131वां संशोधन बिल वोटिंग के बाद गिर गया। यह बिल महिला आरक्षण कानून में संशोधन के लिए लाया गया था। इसी के बाद विपक्षी नेता इस नोटिस पर अधिक सांसदों के हस्ताक्षर जुटाने की कोशिश कर रहे हैं और कम से कम 200 हस्ताक्षर हासिल करने का लक्ष्य रख रहे हैं।
नियम के अनुसार 100 सांसदों के दस्तखत जरूरी
लोकसभा में CEC को हटाने के प्रस्ताव के लिए कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं।
राज्यसभा में इसके लिए कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं।

दोनों सदनों में नोटिस खारिज
इससे पहले भी विपक्ष ने CEC पर स्वतंत्रता और संवैधानिक निष्ठा बनाए रखने में विफल रहने और कार्यपालिका के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया था।
विपक्ष ने आरोप लगाया था कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए कथित ग्रेडेड रिस्पॉन्स सिद्धांत अपनाया गया, डेटा साझा करने से इनकार किया गया और पारदर्शिता को कमजोर किया गया। विपक्ष ने यह भी कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के जरिए बड़े पैमाने पर लोगों को मताधिकार से वंचित किया गया।
लेकिन लगभग समान प्रतिक्रियाओं में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने इन नोटिसों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि आरोपों को सत्य मान भी लिया जाए, तब भी वे हटाने के लिए आवश्यक उच्च संवैधानिक मानदंडों को पूरा नहीं करते।
कानून के अनुसार प्रस्ताव मंजूर होने पर ही जांच समिति
मुख्य चुनाव आयुक्त को उसी तरीके से हटाया जा सकता है जैसे सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाया जाता है। अन्य चुनाव आयुक्तों को हटाने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त की सिफारिश जरूरी होती है।
जजेज (इन्क्वायरी) एक्ट 1968 के अनुसार, अगर दोनों सदनों में एक ही दिन नोटिस दिया जाता है, तो जांच समिति तभी बनेगी जब दोनों सदनों में प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाएगा। इसके बाद लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा चेयरमैन मिलकर एक संयुक्त जांच समिति बनाएंगे।
———————
ये खबर भी पढ़ें:
TMC का आरोप- चुनाव आयोग ने 5 मिनट में भगाया:SIR पर आपत्ति जताने गए थे; EC ने कहा- इस बार बंगाल में चुनाव भय मुक्त होंगे

सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने बुधवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और चुनाव आयोग आमने-सामने आ गए हैं। सांसद डेरेक ओ’ब्रायन के नेतृत्व में TMC का प्रतिनिधि मंडल बुधवार सुबह दिल्ली में चुनाव आयोग से मिलने पहुंचा।
डेरेक ने कहा कि हमने SIR के मुद्दे पर समय मांगा था, लेकिन मीटिंग के दौरान हमारे साथ खराब व्यवहार किया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ने हमें सिर्फ 5 मिनट में भगा दिया। डेरेक ओ’ब्रायन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बैठक सुबह 10:02 बजे शुरू हुई और 10:07 बजे खत्म हो गई। पूरी खबर
