स्टूडेंट के हंगामे के बाद NIT में छुटि्टयां घोषित:कॉलेज ने नोटिस जारी किया; छात्रा के सुसाइड के बाद रात में 6 घंटे चला धरना-प्रदर्शन


हरियाणा में NIT कुरुक्षेत्र में बी-टेक की छात्रा दीक्षा के सुसाइड के बाद देर रात तीन बजे तक कैंपस में हंगामा चला। हंगामे को देखते हुए एनआईटी प्रशासन ने मेन गेट बंद कर दिया और पुलिस बुला ली। इससे छात्र नाराज हो गए और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक छात्रा को ब्रह्मसरोवर में जाकर सुसाइड करने की बात कहने वाले प्रोफेसर पर कार्रवाई नहीं होती, वे यहां से नहीं उठेंगे। उन्होंने स्पोर्ट्स इंचार्च शहाबुद्दीन को भी सस्पेंड करने की मांग रखी। सूचना पर DSP हेडक्वार्टर सुनील कुमार, लाडवा DSP निर्मल सिंह और शाहाबाद DSP रामकुमार मौके पर पहुंचे और स्टूडेंट्स को समझाने की कोशिश की। करीब छह घंटे बाद डायरेक्टर प्रो. ब्रह्मजीत स्टूडेंट के बीच पहुंचे और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर आज ही विचार होगा। स्पोर्ट्स इंचार्च शहाबुद्दीन पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने धरना-प्रदर्शन खत्म कर दिया। साथ ही यह भी कहा कि यदि कोई उचित कार्रवाई नहीं होती तो फिर धरना देंगे। उधर, शुक्रवार सुबह की एनआईटी प्रशासन की ओर से छुट्टियां घोषित कर दी गई। डायरेक्टर की ओर से बोर्ड पर लगाए नोटिस में 17 अप्रैल से 4 मई तक छुट्टी रहने की बात लिखी गई थी। इसके बाद स्टूडेंट कॉलेज से जाने शुरू हो गए है। छात्रा के सुसाइड के बाद स्टूडेंट्स के हंगामे के PHOTOS… पहले जानिए… हंगामा कर रहे छात्रों ने क्या आरोप लगाए वार्डन ने गेट नहीं खोला, बिना चेक किए ही दीक्षा को डेड घोषित किया स्टूडेंट ने बताया कि छात्रा दीक्षा ऑर्टिफिशियल एंड डेटा साइंस स्ट्रीम की पढ़ाई कर रही थी। वह बिहार के बक्सर जिले की रहने वाली थी। उसके सुसाइड करते ही वार्डन को सूचित किया था। वार्डन ने NIT की हेल्थ टीम बुलाई, तो उस टीम बाहर से झांक कर ही दीक्षा को डेड घोषित कर दिया। पहले तो वार्डन ने गेट भी नहीं खोला था। प्रोफेसर ने सवाल पूछने पर डांटा, NIT प्रशासन ने पुलिस बुलाई छात्रा की एक दोस्त ने बताया कि दीक्षा का शव काफी देर तक फंदे पर लटका रहा, किसी ने ध्यान नहीं दिया। जब हमने प्रोफेसर से सवाल पूछे तो उन्होंने हमें डांटना शुरू कर दिया। छात्रों का कहना है कि पिछले करीब 2 महीने में कैंपस में ये चौथा सुसाइड है। इसे लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया तो एनआईटी प्रशासन ने मौके पर पुलिस बुला ली। छात्रों का आरोप है कि उनकी बात तक नहीं सुनी जा रही। प्रोफेसर कहते हैं- हम पढ़ाए चाहे ना पढ़ाए, हमारी सरकारी नौकरी स्टूडेंट ने बताया कि एक प्रोफेसर ये बोलता है कि सुसाइड करना है तो कॉलेज के बाहर करो, अंदर क्यो कर रहे हो। 4 सुसाइड हो चुके है डेढ़ महीने के अन्दर, कोई भी एक्शन नहीं लिया गया है और प्रोफेसर कहते हैं हमारी सरकारी नौकरी है। हम पढ़ाए चाहे ना पढ़ाए। पहले तीन सुसाइड होने के बाद एनआईटी प्रशासन ने एक कमेटी बनाई थी, जिससा काम छात्रों की प्रॉब्लम को सॉल्व करना था, लेकिन कमेटी ने ठीक से काम नहीं किया। स्टूडेंट को जबरदस्ती घर जाने को कहा जा रहा, सीबीआई जांच हो छात्रों ने आरोप लगाया कि NIT प्रशासन ने अब हंगामे को देखते हुए हमारी छुट्टियां कर दी है। हमें जबरदस्ती घर जाने के लिए कहा गया है, जिससे मामले को दबाया जा सके। छात्रों का कहना है कि प्रोफेसर हमें मेंटल हैरेसमेंट करते हैं। डिग्री रोकने का दबाव बनाया जाता है। हमारा कोई पर्सनल इश्यू नहीं है। हम सिर्फ अपनी दोस्त दीक्षा को इंसाफ दिलाने के लड़ रहे हैं। इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। अब पढ़िए, छात्रा की मौत का घटनाक्रम… DSP बोले- सभी इश्यू सॉल्व किए जाएंगे शाहाबाद DSP राजकुमार ने बताया कि सुबह करीब 3 बजे तक धरना प्रदर्शन चला। डायरेक्टर प्रो. ब्रह्मजीत ने स्टूडेंट को आश्वासन दिया है कि उनकी सभी मांगों पर आज शुक्रवार को ही विचार किया जाएगा। इसमें NIT के स्पोर्ट्स इंचार्च शहाबुद्दीन पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। इसके अलावा पुलिस ने छात्रों को आश्वसन दिया कि सुसाइड मामले की जो भी शिकायत देंगे, उसी तरह की जांच की जाएगी। 2 महीने में चार स्टूडेंट कर चुके सुसाइड इस घटना के पहले NIT के तीन अन्य स्टूडेंट सुसाइड कर चुके हैं। 9 अप्रैल को सिरसा जिले के गांव शेरपुर के प्रियांशु वर्मा (22) ने फंदा लगाया था। प्रियांशु बीटेक थर्ड ईयर का स्टूडेंट था। हॉस्टल के रूम से उसका शव मिला था। प्रियांशु से पहले 31 मार्च को पवन कुमार (22) निवासी घासैड़ा जिला नूंह ने अपनी जान दी थी। पवन बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के सेकेंड ईयर की पढ़ाई कर रहा था। वहीं दो महीने पहले 16 फरवरी को तेलंगाना के रहने वाले अंगोद शिवा (19) ने हॉस्टल के रूम में फांसी लगाकर जाने दे दी थी।

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