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KGMU और बलरामपुर अस्पताल से मरीजों को निजी अस्पतालों में शिफ्ट कराने के लिए दलालों के सक्रिय होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सरकारी अस्पतालों में बेड खाली न होने पर मरीज के बाहर निकलते ही तीमारदार के पास दलालों के फोन पहुंच जाते हैं। बेहतर इलाज का भरोसा देकर उन्हें निजी अस्पताल ले जाया जाता है। मंगलवार को दो कथित दलालों की बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ। इसमें एक दलाल बलरामपुर अस्पताल में अपनी सेटिंग और पुलिस से करीबी का दावा करते हुए मरीजों को निजी अस्पताल पहुंचाने के नेटवर्क की बात कर रहा है। हालांकि, ऑडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। डेढ़ लाख रुपये खर्च करने का दावा वायरल ऑडियो में अभिनव नाम का व्यक्ति दूसरे शख्स से बलरामपुर अस्पताल में अपनी पकड़ की बात करता है। वह दावा करता है कि अस्पताल के दरोगा से लेकर सिपाही तक उसके करीबी हैं। वजीरगंज थाने में भी उसकी अच्छी सेटिंग है। वह कहता है कि अगर वह इस काम में डेढ़ लाख रुपये खर्च कर रहा है, तो इसके पीछे वजह है। बातचीत में वह वजीरगंज थाने पर एक लाख रुपये खर्च होने का भी दावा करता है। दूसरा व्यक्ति उसकी बातों पर सहमति जताता है। वह कहता है कि हर जगह पैसे का खेल है। वह रायबरेली एम्स में भी ऐसा काम करने की बात बताता है। 30 हजार रुपये कमीशन देने की बात बातचीत में अभिनव दूसरे व्यक्ति से पूछता है कि 50 हजार रुपये में उसे कितना मिलता है। जवाब में 25 हजार रुपये बताए जाते हैं। इसके बाद अभिनव 30 हजार रुपये देने की बात करता है। दूसरा व्यक्ति इस पर सहमति जताते हुए कहता है कि ऐसा होने पर वह ट्रॉमा से काम नहीं करेगा। आगे बातचीत में ट्रॉमा सेंटर में निजी गाड़ियों के आने और मरीजों को अस्पताल से बाहर ले जाने के तरीके पर भी चर्चा होती है। दूसरे व्यक्ति का कहना है कि वह बाद में बताएगा कि आगे कैसे काम करना है। ऑडियो में किए गए दावों की जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी। पकड़े जाने पर कार्रवाई होगी KGMU ट्रॉमा प्रभारी डॉ.प्रेमराज सिंह ने कहा कि अगर कोई डॉक्टर या कर्मचारी मरीजों को निजी अस्पताल में शिफ्ट कराते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि पहले भी कुछ जूनियर डॉक्टर रडार पर आए थे और उन्हें बाहर कर दिया गया था। बलरामपुर निदेशक बोले- जांच कर होगी कार्रवाई बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डॉ.बीकेएस चौहान ने कहा कि मरीजों को निजी अस्पतालों में शिफ्ट कराने की जानकारी उन्हें नहीं है। अगर ऐसा कोई रैकेट चल रहा है तो कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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KGMU-बलरामपुर से मरीजों की दलाली:पुलिस से सेटिंग का दावा, 30 हजार रुपये में कमीशन की बात; ऑडियो वायरल