वॉशंगटन डीसी8 मिनट पहले
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से ज्यादा शांति समझौता करना चाहते हैं।
ट्रम्प ने 11 अक्टूबर को रूस-यूक्रेन युद्ध में ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए सीजफायर का दावा किया था। इसके दो दिन बाद यूक्रेन ने कहा कि रूस ने उसके 6 ऊर्जा ठिकानों पर हमले किए और 33 लोग घायल हुए।
ट्रम्प बोले- इस महीने युद्ध में 32 हजार लोग मारे गए
ट्रम्प ने दावा किया कि इस महीने युद्ध में 32 हजार लोग मारे गए हैं। हालांकि, इस आंकड़े की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रम्प ने दावा किया कि दोनों देश एनर्जी सीजफायर के लिए तैयार हो गए हैं। सोमवार को जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि रूस और यूक्रेन ने सहमति से इनकार किया है, तो उन्होंने कहा,
वे सहमत हो गए। पता है क्यों? क्योंकि मैंने कहा कि वे सहमत हैं। इसी वजह से वे सहमत हुए। इस मामले को सुलझाना ही होगा।

ट्रम्प ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि रूस ने सीजफायर तोड़ा है या नहीं।
यूक्रेन बोला- जवाबी कार्रवाई करेंगें
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि रूस की ओर से ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के कोई संकेत नहीं मिले हैं। उनके मुताबिक, रूस ने सोमवार को यूक्रेन के 6 ऊर्जा ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों में देशभर में 33 लोग घायल हुए।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा कि यूक्रेन अमेरिका के प्रस्ताव के तहत ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए तैयार है। लेकिन इसके लिए रूस को भी ऐसा करना होगा।
इससे पहले उन्होंने वारसॉ सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में कहा था कि अगर रूस ने ऊर्जा ठिकानों पर हमले नहीं रोके, तो यूक्रेन भी जवाबी कार्रवाई करेगा।
यूक्रेन के मुताबिक, अमेरिकी प्रस्ताव के ऐलान के कुछ ही घंटों बाद पूर्वी यूक्रेन के एक बिजलीघर पर हमला हुआ।
रूस बोला- लंबे समय की शांति चाहिए
रूस ने भी ऊर्जा सीजफायर लागू होने की पुष्टि नहीं की है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस कुछ समय के लिए लड़ाई रोकने के बजाय ऐसी शांति चाहता है, जो लंबे समय तक बनी रहे।
पेस्कोव के मुताबिक, पुतिन यूक्रेन में चुनाव के दिन रूसी सेना को गोलीबारी रोकने का आदेश देंगे। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि स्थायी शांति के लिए रूस किन शर्तों पर सहमत हो सकता है।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी जेलेंस्की को अस्थायी राहत देने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि जेलेंस्की ऐसी राहत के हकदार नहीं हैं।
रूस और यूक्रेन के लिए ऊर्जा ठिकाने क्यों अहम हैं?
रूस लंबे समय से यूक्रेन के बिजलीघरों और बिजली सप्लाई से जुड़े ठिकानों पर हमले करता रहा है। इन हमलों से बिजली की सप्लाई प्रभावित होती है। सर्दियों में इसका असर घरों को गर्म रखने और रोजमर्रा के कामों पर भी पड़ सकता है।
दूसरी ओर, यूक्रेन रूस की तेल रिफाइनरियों और ईंधन से जुड़े ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले करता रहा है। इससे रूस में तेल से ईंधन बनाने का काम प्रभावित होता है और उसके तेल कारोबार पर दबाव पड़ता है।
रिपोर्ट में इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के आंकड़ों के हवाले से दावा किया गया है कि 2026 में यूक्रेन के हमलों के कारण रूस का डीजल उत्पादन करीब 30% घटा है। रूस में तेल शोधन भी दो दशक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।
अमेरिका पिछले एक साल से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध रुकवाने के लिए बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है। ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने की कोशिशें पहले भी हुई हैं, लेकिन उन पर सहमति नहीं बन पाई या समझौते ज्यादा समय तक नहीं टिके।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बताया है कि रूस और यूक्रेन ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए सहमत हो गए हैं। उन्होंने रविवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि सीजफायर तत्काल प्रभाव से लागू होगा और दोनों देशों को इसका पालन करना चाहिए। पूरी खबर यहां पढ़ें…
