![]()
कानपुर के शारदीय नवरात्र और दशहरा पर्व पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार को डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी और एडीसीपी वेस्ट योगेश कुमार ने अरमापुर रामलीला मैदान और दुर्गा पूजा स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। अधिकारियों ने रावतपुर क्षेत्र में देव आमंत्रण शोभायात्रा के शुभारंभ कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया। इसके बाद पनकी क्षेत्र में दुर्गा पूजा पंडाल और मेला स्थल पहुंचकर व्यवस्थाएं परखीं। इस दौरान पुलिस अधिकारियों को पर्व के दौरान पूरी सतर्कता बरतने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए। आतिशबाजी में सावधानी बरतने की हिदायत, झूलों की भी होगी जांच निरीक्षण के दौरान डीसीपी ने रामलीला के लिए रावण का पुतला तैयार कर रहे कलाकारों से बातचीत की। उन्होंने निर्देश दिए कि आतिशबाजी में ऐसी सामग्री का इस्तेमाल न किया जाए, जिससे आग लगने या भगदड़ की आशंका पैदा हो। आयोजन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करने और आग से बचाव के इंतजाम रखने पर भी जोर दिया। डीसीपी ने मेला परिसर में लगाए जा रहे ऊंचे झूलों का भी जायजा लिया और संचालकों से सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने झूलों के संचालन में सावधानी बरतने तथा सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी हादसे की आशंका न रहे। पंडाल के बगल में बनेगा कंट्रोल रूम, सीसीटीवी से होगी निगरानी धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जाएगा। डीसीपी ने प्रस्तावित कंट्रोल रूम का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि इसे पंडाल के ठीक बगल में बनाया जाए, जिससे आयोजन स्थल की गतिविधियों पर आसानी से नजर रखी जा सके। भीड़ बढ़ने या किसी तरह की अव्यवस्था होने पर पुलिस तत्काल कार्रवाई कर सकेगी। उन्होंने आयोजन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने और पुलिसकर्मियों की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लगातार भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करें और आयोजकों के साथ समन्वय बनाए रखें। महिला सुरक्षा के लिए मांगी गई अतिरिक्त फोर्स मेला और पूजा पंडालों में महिलाओं, युवतियों और परिवार के साथ आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा हुई। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने डीसीपी से पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की मांग की। उनका कहना था कि मेले में आने वाली महिलाओं की सुरक्षा और अराजक तत्वों पर नजर रखने के लिए महिला फोर्स की मौजूदगी जरूरी है।
डीसीपी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संबंधित पुलिस अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की सतर्कता बनाए रखी जाए और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई की जाए। मेला स्थल से दूर होगी पार्किंग, जाम से मिलेगी राहत
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए डीसीपी ने पार्किंग स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि पार्किंग की व्यवस्था मेला स्थल से करीब एक किलोमीटर दूर की जाए, जिससे आयोजन स्थल के आसपास वाहनों का दबाव न बढ़े और श्रद्धालुओं के आवागमन में बाधा न आए। प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति रोकने के लिए यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मेले और पूजा पंडालों में आने-जाने वाले रास्तों को व्यवस्थित रखा जाए। भीड़ बढ़ने की स्थिति में तत्काल जरूरी कदम उठाए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना न करना पड़े। हर स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रहेगी पुलिस डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने कहा कि नवरात्र और दशहरा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है। सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने, आयोजन स्थलों का लगातार निरीक्षण करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस का प्रयास है कि सीसीटीवी, ड्रोन निगरानी, महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती और बेहतर यातायात प्रबंधन के जरिए दोनों पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराए जाएं, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के धार्मिक आयोजनों में शामिल हो सकें।
Source link