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विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) जिले में पहुंच चुकी है। अब उसकी प्रथम स्तर की जांच (FLC) शुरू की जाएगी। सोमवार, 12 अक्टूबर से यह जांच शुरू हो जाएगी। इसके लिए मान्यता प्राप्त दलों के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया है। जिससे उनकी मौजूदगी में प्रथम स्तर की जांच कराई जा सके। पुलिस बल की निगरानी में EVM पुराने कलेक्ट्रेट में बने निर्वाचन कार्यालय से असुरन स्थित वेयरहाउस में पहुंचाया जा चुका है। जांच के लिए आएंगे निर्माता कंपनी के इंजीनियर EVM निर्माता कंपनी के इंजीनियरों की ओर से यह जांच की जाएगी। पूरी प्रक्रिया एफएलसी सुपरवाइजर एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जयप्रकाश की निगरानी में होगी। इसमें राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों से अपने जिलाध्यक्ष के हस्ताक्षर से अधिकृत प्रतिनिधियों का नाम, पदनाम, पता और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने को कहा है। प्रत्येक प्रतिनिधि के दो पासपोर्ट आकार के रंगीन फोटो भी देने होंगे। यह विवरण शुक्रवार की सुबह 10 बजे तक जिला निर्वाचन कार्यालय में जमा करना अनिवार्य है। पिछले कई दिनों से चल रहा था EVM पहुंचाने का काम पुराने कलेक्ट्रेट स्थित भवन से असुरन स्थित वेयरहाउस में EVM पहुंचाने का काम पिछले कई दिनों से चल रहा था। पूरे दिन ट्रक पर EVM लोड किया जाता था और उसे असुरन पहुंचाया जाता था। इस काम की निगरानी उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम वित्त व राजस्व जयप्रकाश करते थे। EVM को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए सुरक्षा के पर्याप्त उपाय किए गए थे। सशस्त्र पुलिस बल के जवानों को तैनात किया गया था। निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक EVM की पहली जांच हो या कोई और जांच, हर समय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि बुलाए जाते हैं। इस दौरान प्रक्रिया पूरी करने के बाद दलों के प्रतिनिधि हस्ताक्षर भी करते हैं। यही कारण है कि जब कभी EVM को लेकर आवाज उठाए जाते हैं तो प्रशासन इसपर ध्यान नहीं जाता।
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12 को होगी EVM की जांच:विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज ; राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि रहेंगे मौजूद