लखनऊ में पुंडरीक गोस्वामी महाराज ने दीक्षा दी:डीएवी कॉलेज ग्राउंड की श्रीमद्भागवत कथा में श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह, थिरके श्रोता


लखनऊ के ऐशबाग स्थित डीएवी कॉलेज में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत राधा रमण कथा के छठे दिन शुक्रवार को श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह उत्सव धूमधाम से मनाया गया। बैंड-बाजे, आतिशबाजी और भजनों के बीच श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे। वृंदावन के डॉ. पुंडरीक गोस्वामी महाराज ने कथा के दौरान विवाह प्रसंग का आध्यात्मिक महत्व बताया। श्री राधा रमण सेवा समिति के सहयोग से पं. रास बिहारी तिवारी मार्ग स्थित कॉलेज परिसर में चल रही कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। विवाह उत्सव के दौरान पूरा पंडाल श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। अहंकार त्यागने से मिलेगा भगवान का प्रेम महाराज ने श्रीकृष्ण की रासलीला, गोपी गीत और उद्धव-गोपियों के संवाद की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि जब तक मनुष्य में अहंकार और मैं का भाव रहता है, तब तक वह भगवान के प्रेम को पूरी तरह अनुभव नहीं कर सकता। सच्ची भक्ति के लिए समर्पण, विनम्रता और निष्कपट प्रेम जरूरी है। उन्होंने बताया कि गोपी गीत जीवात्मा की परमात्मा से मिलने की व्याकुलता का प्रतीक है। ब्रज की गोपियों का निश्छल प्रेम देखकर उद्धव का ज्ञान का अभिमान भी दूर हो गया। भगवान को केवल बौद्धिक ज्ञान से नहीं, बल्कि सच्चे प्रेम और अनन्य भक्ति से पाया जा सकता है। युवाओं से बोले- चरित्र निर्माण पर दें ध्यान शुक्रवार सुबह 9 बजे से महाराज ने श्रद्धालुओं को दीक्षा दी। दोपहर 3 से 4 बजे तक युवाओं के साथ संवाद हुआ। युवाओं ने अपनी जिज्ञासाएं रखीं। महाराज ने कहा कि पढ़ाई के साथ आध्यात्मिक ज्ञान भी जरूरी है। प्रत्येक युवा को चरित्र निर्माण पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने प्रतिदिन भजन करने, गोसेवा अपनाने और साल में कम से कम एक बार पवित्र धाम की यात्रा करने की प्रेरणा दी। व्हीलचेयर पर पहुंची दिव्यांग कन्या भक्त आयोजक अमरनाथ मिश्र ने बताया कि कथा में एक दिव्यांग भक्त कन्या को वॉलंटियर्स ने व्हीलचेयर सहित उठाकर महाराज के दर्शन कराए। उन्होंने कहा कि हर श्रद्धालु को सम्मानपूर्वक दर्शन कराना ही सच्ची सेवा है। शनिवार सुबह 9 बजे से कथा से पहले पितरों की स्मृति में सामूहिक तर्पण होगा।

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