काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्र समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का आंदोलन 16वें दिन जारी है। छात्रों ने गुरूवार को दोपहर 2 बजे से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा कर दी है। संगठन की ओर से मुख्य आरक्षाधिकारी को पत्र भेजकर 8
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ABVP का आरोप है कि पिछले कई दिनों से छात्र अपनी मांगों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। संगठन ने प्रशासन पर मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब आंदोलन को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में तब्दील किया जा रहा है।
संगठन की ओर से जारी पत्र के अनुसार, भूख हड़ताल में पल्लव सुमन, अनुराग तिवारी, पुनीत मिश्रा, सत्यनारायण सिंह और रोहन पांडेय शामिल होंगे। ABVP का कहना है कि मांगें पूरी होने तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।

केन्द्रीय कार्यालय के बाहर 6 छात्रों ने किया भूख हड़ताल।
स्ट्रीट लाइट, CCTV और सुरक्षा प्रमुख मुद्दे
ABVP नेता पुनीत मिश्रा ने बताया कि छात्रों की प्रमुख मांगें विश्वविद्यालय में बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़ी हैं। छात्रावासों के आसपास पर्याप्त स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी कैमरे लगाने, परिसर की खराब सड़कों को दुरुस्त करने, छात्राओं की सुरक्षा बढ़ाने और नियमित पेट्रोलिंग की व्यवस्था मजबूत करने की मांग की जा रही है।
उन्होंने कहा कि कैंपस में कई स्थानों पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा संबंधी घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा परिसर में तेज रफ्तार वाहनों की समस्या को देखते हुए भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की मांग की गई है।

पुनीत और पल्लव भी भूख हड़ताल पर हैं।
12 सितंबर की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग
ABVP ने 12 सितंबर को हुए नेहा बोरा के कार्यक्रम को लेकर भी जांच की मांग उठाई है। पुनीत मिश्रा का आरोप है कि कार्यक्रम के लिए सभागार आवंटन की निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय में सभागार आवंटन के लिए संबंधित डीन, विभागाध्यक्ष और कमेटी की प्रक्रिया पूरी होने के साथ निर्धारित शुल्क भी जमा कराया जाता है। ABVP का आरोप है कि इस मामले में तत्कालीन चीफ प्रॉक्टर ने अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल करते हुए सभागार आवंटित किया।