श्रावस्तीकुछ ही क्षण पहले
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श्रावस्ती के गिलौला क्षेत्र के मोहम्मदापुर में मंगलवार को विद्युत आपूर्ति बहाल करने के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। क्षतिग्रस्त बिजली लाइन को दुरुस्त करने के लिए पोल लगाया जा रहा था। इसी दौरान पोल ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से छू गया।
करंट की चपेट में आने से पोल लगाने में सहयोग कर रहे दो ग्रामीण गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को सीएचसी गिलौला से मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

मृतकों की पहचान मोहम्मदापुर निवासी सचिन मिश्रा (22) पुत्र दिनेश मिश्रा और वेद प्रकाश पाठक (करीब 40) पुत्र बाबूलाल पाठक के रूप में हुई है।
बारिश-तूफान में क्षतिग्रस्त हुई थी बिजली लाइन
मृतकों की पहचान मोहम्मदापुर निवासी सचिन मिश्रा (22) पुत्र दिनेश मिश्रा और वेद प्रकाश पाठक (करीब 40) पुत्र बाबूलाल पाठक के रूप में हुई है। बताया गया कि जिले में तेज बारिश और तूफान के बाद गांव में बिजली के पोल और लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए विभागीय कर्मियों की मौजूदगी में पोल लगाने का काम चल रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, काम शुरू करने से पहले 11 हजार वोल्ट की लाइन का शटडाउन लिया गया था।
पोल हाईटेंशन लाइन से छूते ही दौड़ा करंट
परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि पोल लगाने के दौरान विद्युत विभाग की ओर से लाइन दोबारा चालू कर दी गई। इसी दौरान पोल ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से छू गया और उसमें करंट दौड़ गया। पोल के संपर्क में मौजूद सचिन मिश्रा और वेद प्रकाश पाठक करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए।

प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया।
आसपास के लोगों ने दोनों को तत्काल सीएचसी गिलौला पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। दोनों की मौत की खबर गांव पहुंचते ही मोहम्मदापुर में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के मुताबिक, मृतक वेद प्रकाश पाठक के तीन बेटे हैं।
शटडाउन के बाद सप्लाई चालू होने पर उठे सवाल
हादसे के बाद शटडाउन लेने और विद्युत लाइन दोबारा चालू होने की परिस्थितियों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि शटडाउन के बाद सप्लाई दोबारा चालू किए जाने के कारण हादसा हुआ। हालांकि, घटना की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
