फायर कर्मियों को मिला लाइफ सपोर्ट का प्रशिक्षण:गोल्डन आवर में सीपीआर देने से बच सकती है जान, फीटा ने किया आयोजन


फीटा की ओर से सोमवार को फजलगंज में अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर एवं बेसिक लाइफ सपोर्ट प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। मेदांता अस्पताल, गुरुग्राम के विशेषज्ञ चिकित्सकों और ट्रेनरों ने फायरकर्मियों को आपात स्थिति में जीवन बचाने की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। कार्यशाला का शुभारंभ फीटा के महासचिव उमंग अग्रवाल और मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा ने किया। प्रशिक्षण में सीपीआर, आग में झुलसे व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देने, अत्यधिक धुआं सांस की नली में जाने पर बचाव और तत्काल चिकित्सा सहायता के बारे में विस्तार से बताया गया। सही सीपीआर देने से बचने की संभावना बढ़ती बेसिक लाइफ सपोर्ट ट्रेनर प्रियेश मिश्रा ने बताया कि हृदय गति रुकने के बाद का शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसे गोल्डन पीरियड माना जाता है। इस दौरान सही तरीके से सीपीआर देने से मरीज को अस्पताल पहुंचने तक बचाने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि बेसिक लाइफ सपोर्ट का प्रशिक्षण आम नागरिकों को भी लेना चाहिए, ताकि किसी आपात स्थिति में वे खुद और आसपास के लोगों की जान बचाने में मदद कर सकें। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू के दौरान किसी व्यक्ति के जलने पर प्रभावित हिस्से को बहते पानी से अच्छी तरह ठंडा करना चाहिए और साफ कपड़े से ढकना चाहिए। धुएं के कारण सांस लेने में परेशानी होने पर तत्काल ऑक्सीजन और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है। BP, शुगर से लेकर ECG और लंग्स कैपेसिटी की जांच शिविर में 100 से अधिक फायर सर्विस कर्मियों और उद्यमियों के स्वास्थ्य की जांच की गई। इसमें ब्लड प्रेशर, शुगर, बोन डेंसिटी, ईसीजी, लंग्स कैपेसिटी समेत कई महत्वपूर्ण जांचें शामिल रहीं। जांच के बाद मेदांता के चिकित्सकों ने प्रतिभागियों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया और जरूरत के अनुसार दवाएं लिखीं। मेदांता के चिकित्सक डॉ. विजय शर्मा और डॉ. मयंक सिंह ने कर्मचारियों का परीक्षण किया। मेदांता के कोऑर्डिनेटर अनुराग द्विवेदी ने कहा कि फीटा के सहयोग से भविष्य में भी विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य जांच शिविर और प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। सभी 12 फायर स्टेशनों पर शिविर लगाने की मांग मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा ने कहा कि इस तरह के स्वास्थ्य जांच शिविर शहर के सभी 12 अग्निशमन केंद्रों पर लगाए जाने चाहिए। फायरकर्मी लगातार जोखिम भरी परिस्थितियों में काम करते हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण से फायरकर्मियों को आग और अन्य आपात परिस्थितियों में अधिक दक्षता से काम करने में मदद मिलेगी। कार्यशाला में फीटा के महासचिव उमंग अग्रवाल, मनीष मतानी, अरुण ओमर, अभिषेक अग्रवाल, अंकित गुप्ता, प्रदीप केडिया, रजत गुप्ता, पुनीत मित्तल, शिवकुमार गुप्ता समेत कई उद्यमी मौजूद रहे। फजलगंज के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी परमानंद पांडेय ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

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