असगर नकी | सुलतानपुर4 मिनट पहले
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डीएम इंद्रजीत सिंह के गले लगकर भतीजा रोने लगा। बोला- सबकुछ खत्म हो गया।
सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर रविवार सुबह हुए दर्दनाक हादसे के बाद घटना स्थल और हलियापुर थाने का माहौल गमगीन हो गया। अपने ही परिवार के चार चिरागों को खोने के गम में भतीजे दरोगा सिंह का कलेजा फट पड़ा। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने जब वह अपनी बात रख रहे थे, तो उनके सब्र का बांध टूट गया।
दरोगा सिंह ने रोते हुए डीएम इंद्रजीत सिंह को बताया कि परिवार पर बीते तीन दिनों से दुखों का पहाड़ टूटा हुआ था। चंडीगढ़ में सूबेदार सत्यवान सिंह के निधन के बाद से ही घर में मातम था। दरोगा सिंह ने कहा, “चाचा घर जाने को तैयार नहीं थे। बोले थे- अब तो बाबू भी नहीं हैं इस दुनिया में। हम इस शर्त पर घर जाएंगे कि बाबू से बात करा देना हमारी।”
यह कहते-कहते दरोगा सिंह की आंखों से आंसू छलक पड़े और वह डीएम इंद्रजीत सिंह के कंधे पर सिर रखकर फूट-फूटकर रोने लगे। डीएम ने उन्हें संभाला, कंधे पर हाथ रखा और सांत्वना दी। दरोगा सिंह ने यह भी बताया कि पिछले तीन दिनों से उन्होंने अन्न का एक दाना तक नहीं खाया था।

सूबेदार सत्यवान के घर चार मौतों की सूचना पहुंचते ही कोहराम मच गया।

हादसे में एंबुलेंस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बोनट चकनाचूर हो गया।

एंबुलेंस चालक के शॉर्टकट बताने पर बदला था रास्ता
हादसे की वजह और रास्ते के चुनाव पर दरोगा सिंह ने बताया कि वे लोग दो गाड़ियों से निकले थे। वे खुद आर्टिगा कार में सवार थे और आगे चल रहे थे। उन्होंने एंबुलेंस चालक जसपाल से उनके पीछे-पीछे आने को कहा था, लेकिन एंबुलेंस चालक ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का रास्ता चुनने की सलाह दी।
दरोगा सिंह के अनुसार, चालक ने कहा था कि एक्सप्रेस-वे से रास्ता शॉर्टकट रहेगा और वे जल्दी पहुंच जाएंगे। इसी मशविरे के बाद एंबुलेंस एक्सप्रेस-वे पर मुड़ गई। दरोगा सिंह ने दर्द बयां करते हुए कहा कि कार में सवार परिवार के बाकी लोग तो सुरक्षित निकल गए, लेकिन एंबुलेंस में बैठे लोगों की जिंदगी खत्म हो गई।


हादसे में एंबुलेंस ड्राइवर का शव गाड़ी में ही फंस गया। गैस कटर से गेट काटकर निकाला गया।
‘चाची को हम क्या जवाब देंगे?’
थाना परिसर में मीडिया से बात करते हुए दरोगा सिंह बार-बार फफक-फफक कर रो पड़ते थे। उनके मुंह से बस एक ही सवाल निकल रहा था- “चाची को हम लोग क्या जवाब देंगे। सूचना पहुंच गई है, सब लोग आ रहे हैं।” इसके बाद वह दहाड़ मारकर रोने लगे। उन्होंने कहा कि एक ही झटके में परिवार के सारे मुख्य लोग चले गए, अब कोई सहारा देने वाला नहीं बचा।

पुलिस ने सूबेदार सत्यवान सिंह के पार्थिव शरीर को हलियापुर थाने में पूरे सम्मान के साथ रखवाया है।
सम्मान के साथ रखा गया पार्थिव शरीर
हादसे में जान गंवाने वाले सूबेदार सत्यवान सिंह के इकलौते बेटे गौरव सिंह, बड़े भाई रामसमुझ, रिश्ते के भतीजे राजन और एंबुलेंस चालक जसपाल की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। पुलिस ने सूबेदार सत्यवान सिंह के पार्थिव शरीर को हलियापुर थाने में पूरे सम्मान के साथ रखवाया है, जहां से परिजन और ग्रामीण उनके पैतृक गांव देवरिया ले जाने की प्रक्रिया में जुटे हैं।

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सुल्तानपुर में जवान का शव लेकर जा रहे 4 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में जवान का इकलौता बेटा, भाई, रिश्ते का भतीजा और एंबुलेंस चालक शामिल हैं। तेज रफ्तार एंबुलेंस एक्सप्रेस-वे के किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि एंबुलेंस के परखच्चे उड़ गए। केबिन पूरी तरह पिचक गया। ड्राइवर का शव स्टेयरिंग में फंस गया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर गाड़ी काटी और आगे की सीट पर बुरी तरह फंसे दो शवों को बाहर निकाला। पीछे बैठे दो लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर…
