![]()
मेरठ में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद व्यापारियों और प्रभावित लोगों की चिंता बढ़ गई है। शनिवार देर शाम को व्यापारियों के साथ उल्देपुर के लोग और जागृति विहार क्षेत्र से जुड़े लोग राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेई से मिले। उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों और प्रभावित परिवारों की समस्याओं से सांसद को अवगत कराया। MDA ने पूरे शहर को चार जोन में बांटा था और जोन-A की 16 हजार 726 संपत्तियों को अवैध बताया था। इससे जुड़े केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगली सुनवाई से पहले उन अवैध संपत्तियों को ध्वस्त कर दिया जाए, जिनमें आवासीय भवनों में कॉमर्शियल गतिविधियां चल रही हों। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद व्यापारी, दुकानदार और आम नागरिक चिंतित हैं। उनके सामने रोजगार, कारोबार और भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति है। डॉ. वाजपेई से प्रधानमंत्री तक उनकी बात पहुंचाने और प्रदेश व केंद्र सरकार के स्तर पर राहत दिलाने के लिए सहयोग की मांग की। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, डॉ. वाजपेई ने प्रभावित लोगों से पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने कुछ बिंदुओं पर अतिरिक्त जानकारी भी मांगी है। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि संबंधित जानकारी एक-दो दिन में जुटाकर सांसद को दी जाएगी। इसके बाद आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में भी अपने वकीलों के माध्यम से प्रभावित लोगों का पक्ष रखने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही केंद्र और प्रदेश सरकार तक भी अपनी बात पहुंचाई जाएगी। इसके लिए सभी लोग मिलकर प्रयास करेंगे। डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेई ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे व्यापारियों और आम नागरिकों के हितों के लिए उनके साथ खड़े हैं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अब संबंधित तथ्यों और दस्तावेजों को जुटाकर सांसद के माध्यम से सरकार के सामने समस्या रखी जाएगी।
Source link
मेरठ के व्यापारी राज्यसभा सांसद डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेई से मिले:सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चिंता जताई, कहा-हमारा भविष्य खतरे में है