बेटी-प्रेमी की हत्या में पिता-पुत्र को उम्रकैद:दोनों पर 60-60 हजार रुपए जुर्माना, आपत्तिजनक हालत में दोनों को पकड़ा था


गोंडा में शनिवार शाम करीब 5:30 बजे जिला जज दुर्ग नारायण सिंह की अदालत ने प्रेमी-प्रेमिका की हत्या के मामले में पिता-पुत्र को उम्रकैद की सजा सुनाई। दोनों पर 60-60 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया। सजा के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। बेटी को प्रेमी के साथ देखने के बाद की हत्या मामला धानेपुर थाना क्षेत्र के मेहनौन गांव का है। 21 अगस्त 2023 की रात कृपाराम ने अपनी 18 वर्षीय बेटी आरती चौरसिया को गांव के ही 19 वर्षीय सतीश चौरसिया के साथ घर में आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसके बाद उसने अपने बेटे राघव राम को बुलाया। पुलिस जांच के अनुसार दोनों ने सतीश की पीट-पीटकर हत्या कर दी। प्रेमी को बचाने आई आरती की भी हत्या कर दी गई। सतीश का शव गन्ने के खेत में फेंका पुलिस के अनुसार सतीश के शव को घर से कुछ दूरी पर ले जाकर गन्ने के खेत में फेंक दिया गया था। 22 अगस्त 2023 की सुबह करीब 8 बजे ग्रामीणों ने खेत में शव देखा। इसके बाद धानेपुर पुलिस को सूचना दी गई। आरती का शव अयोध्या ले जाकर दफनाया जांच में सामने आया कि आरती के शव को करीब 60 किलोमीटर दूर अयोध्या ले जाया गया था। वहां सरयू नदी के तट पर श्मशान घाट के पास रात में शव दफन कर दिया गया था। पुलिस ने 23 अगस्त 2023 को कृपाराम और राघव राम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दो साल से प्रेम संबंध की बात आई सामने पुलिस जांच के अनुसार आरती करीब दो साल से सतीश से प्रेम करती थी। वह उससे शादी करना चाहती थी। परिवार के लोग इस रिश्ते का विरोध कर रहे थे। इसी दौरान 21 अगस्त की रात सतीश आरती से मिलने उसके घर पहुंचा था। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर सुनाई सजा असिस्टेंट डिफेंस काउंसिल बृजलाल तिवारी ने बताया कि मामले की सुनवाई करीब 1139 दिन चली। अदालत ने साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद दोनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। उन्होंने बताया कि डीजीसी क्रिमिनल बसंत शुक्ला की पैरवी के साथ मॉनिटरिंग सेल, कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल मारकंडेय सिंह और धानेपुर थाने के पैरोकार कांस्टेबल सूर्य प्रताप की ओर से भी मामले की लगातार पैरवी की गई।

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